भरतपुर। साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। मेवात क्षेत्र के साइबर ठग सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं को गर्भवती करने का विज्ञापन जारी कर रहे हैं। गर्भवती करने वाले व्यक्ति को 35 से 40 लाख रुपये तक देने का झांसा दे रहे हैं। भरतपुर आईजी राहुल प्रकाश ने अपने एक्स पर ऐसे विज्ञापनों से सावधान रहने की अपील की है।
फेसबुक पर साइबर ठग युवतियों के वीडियो वायरल करते हैं। इनमें युवतियां ऐसे लड़कों की डिमांड करती हैं जो उन्हें गर्भवती कर सके। एक वीडियो में युवती लड़कों को ऑफर भी दे रही है। उसे गर्भवती करने वाले युवक को 35 से 40 लाख रुपये देने का वादा कर रही है। वीडियो पर युवती ने एक मोबाइल नंबर और मैसेज भी लिखा है। यदि कोई लड़का तैयार है तो उसे कार्ड चार्ज के रूप में 550 रुपए देने होंगे। आईजी राहुल प्रकाश ने इसी तरह के एक वीडियो का लिंक अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया है। उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि ये ठगी का नया तरीका साइबर अपराधियों ने शुरू किया है।
फर्जी पुलिसकर्मी बन ठगों से ठगी करने वाले पकड़े
भरतपुर । साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन एंटी वायरस के तहत पुलिस को ने शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। उसने फेसबुक और व्हाट्सएप पर आर्मी की वर्दी में फोटो लगा रखा था। यह खुद को बीएसएफ का पूर्व कर्मी और वर्तमान में स्पेशल टीम का इंचार्ज बताकर ठगों से ठगी करता था। वह ठगों से मुकदमे में नाम निकलवाने, मकान टूटने से बचाने की एवज में रुपये ऐंठता था। उसके दो अन्य साथियों को भी पकड़ा गया है।
आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि कई दिन से फर्जी पुलिस कर्मी द्वारा ठगी करने की सूचना मिल रही थी। तकनीकी सहायता के आधार पर स्पेशल टीम ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर वसूली करने वाले अलवर के लक्ष्मणगढ़ के गांव गोर पहाड़ी निवासी फरीद उर्फ राहुल पुत्र मानु उर्फ मानसिंह को गिरफ्तार किया है। अलवर निवासी उसके दो अन्य साथियों अलवर निवासी तौफिक व अलीशेर ऊर्फ घुड़चड़ी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गाड़ी भी जब्त की है।
आईजी ने बताया कि फरीद ने फौजी की वर्दी सिला रखी है। गांव में लोग उसे फौजी कहते है। खुद को रेंज स्पेशल टीम का इंचार्ज बताकर ठगों से संपर्क करता था, जिन्हें पुलिस द्वारा साइबर अपराध में गिरफ्तार किया जा चुका है या जो फरार हैं। ठगों का मुकदमे से नाम निकलवाने एवं मकान नहीं तोड़ने का झांसा देकर मोटी रकम की मांग करता था। सोशल मीडिया अकाउंट पर फौजी की वर्दी में फोटो लगा रखा था, इससे लोग झांसे में आ जाते थे।
175 केस दर्ज, 118 में एफआईआर
भरतपुर। रालोद से विधायक डॉ. सुभाष गर्ग ने विधानसभा में भरतपुर एवं डीग जिले में चल रहे साइबर अपराध का मुद्दा उठाया। कहा कि पिछले दिनों साइबर अपराध के 175 मुकदमे दर्ज किए गए लेकिन 118 में एफआर लगा दी गई। जो भ्रष्टाचार को अंकित करता है। उन्होंने साइबर ठगों को संरक्षण देने वाले पुलिस व राजनीतिक लोगों के खिलाफ जांच कराने को कहा।
डॉ. गर्ग ने प्रश्न काल में कहा कि भरतपुर एवं डीग जिले के मेवात क्षेत्र में साइबर अपराध पनप रहा है। पुलिस बेगुनाहों को पकड़ कर लाती है और अगले दिन लेन-देन कर छोड़ देती है। इसकी जांच एटीएस अथवा एसओजी से कराने की मांग करते हुए कहा कि पुलिस राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों से मिलकर साइबर अपराध के मामलों में वसूली करती है।
उन्होंने राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध वसूली करने की भी जांच कराने की मांग को उठाया। प्रश्न के जवाब में संबंधित मंत्री ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्हें पुलिस से जानकारी मिली है कि बेगुनाहों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है, फिर भी वसूली के प्रश्न पर जानकारी ली जाएगी।