प्रदर्शन करते कुलदीप जघीन के परिजन।
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भरतपुर जिले 12 जुलाई को अमोली टोल प्लाजा पर हिस्ट्रीशीटर कुलदीप जघीना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 11 के आस पास सभी मुख्य आरोपी और साजिशकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस के बाद भी पुलिस के लिए कुलदीप हत्याकांड मामला सरदर्द बनता हुआ है। नित नए आरोपों के साथ आरोपियों के नाम लेकर मृतक कुलदीप जघीना के परिजन एसपी ऑफिस पर ज्ञापन देते आ रहे हैं।
सोमवार को कुलदीप जघीना की मां उषा सिंह ने काफी संख्या में ग्रामीणों के साथ एमएसजे कॉलेज से एसपी ऑफिस तक मौन रैली निकाली। जिसमें महिला और पुरुष हाथों में तख्तियां लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे। तख्तियों पर स्पेशल डीएसटी टीम में तैनात कांस्टेबल अजब सिंह को गिरफ्तार करो इसके साथ रविंद्र सिंह कांस्टेबल को बर्खास्त करने की मांग की।
मृतक कुलदीप की मां उषा सिंह ने एक ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र शर्मा को दिया। कुलदीप की मां उषा सिंह ने आरोप लगाया कि कुलदीप हत्याकांड में कांस्टेबल अजब सिंह भी मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल है और वह बार-बार हमको धमकियां दे रहा है कि मैं तो अधिकारियों की गोद में बैठता हूं। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है और कांस्टेबल रविंद्र सिंह को भी बर्खास्त करो। साथ ही मृतक के परिजनों ने एसपी के काम को अच्छा बताया। पुलिस की ओर से सही और निष्पक्ष जांच नहीं होने का भी आरोप लगाया।
उषा सिंह ने कहा-एक पुलिस अधिकारी हमसे कह रहा है कि अजब सिंह मेरा खास आदमी है। जिसका नाम एफआईआर में से निकलवाओ, जबकि अजब सिंह ने ही मेरे बेटे को गैंगस्टर बनाया था। मेरे बेटे कुलदीप का नाम कृपाल सिंह जघीना कांड में घसीटा गया था, जबकि पुलिस के पास कोई सबूत नहीं थे। आज 65 दिन हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक कोई निष्पक्ष जांच नहीं कर पा रही है। ज्ञापन देने के बाद एडिशनल एसपी भूपेंद्र शर्मा को परिजनों की ओर से सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। उसके बाद इस आंदोलन को नया रूप दिया जाएगा।