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Bharatpur News: कांग्रेस का मरुधरा में सूरज उगाने का जतन

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प्रदीप कुमार वर्माधौलपुर। बीते एक दशक में हुए दो संसदीय चुनाव में प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस के खाते में एक भी नहीं आई है। संगठन राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से यहां अपने लिए राजनीतिक संजीवनी तलाश रहा है। हाल ही में राहुल की यात्रा पूरे प्रदेश में सिर्फ राजस्थान के पूर्वी सिंह द्वारा कहे जाने वाले धौलपुर से ही गुजरी। जिले में यात्रा को मिले अपार समर्थन से कांग्रेस को उम्मीद बंधी है। पार्टी की नजर करौली-धौलपुर संसदीय सीट पर है। यहां से मरुधरा में एक बार फिर से पार्टी अपना सूरज उगाने का जतन कर रही है।
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करौली-धौलपुर संसदीय सीट पर कांग्रेस की उम्मीद की वजह हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम हैं। करौली और धौलपुर जिले को मिलाकर बने संसदीय क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से कांग्रेस ने 5 पर शानदार जीत दर्ज की है। जबकि, सूबे में चली भगवा आंधी के बावजूद भाजपा को महज दो सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है।

एक सीट पर बहुजन समाज पार्टी ने जीत दर्ज की। विधानसभा के चुनावी नतीजों पर गौर करें तो, जिले की चार में से तीन सीटों पर कांग्रेस जीती है। एक सीट बहुजन समाज पार्टी के खाते में गई है।इससे जिले से भाजपा का पूरी तरह सफाया हो गया। वहीं करौली जिले की चार विधानसभा सीटों में से भाजपा मात्र दो पर जीत दर्ज कर अपनी साख बचा पाई है। संवाद
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8 में से 2 सीटें जीत सकी भाजपा
धौलपुर जिले की बसेड़ी विधानसभा सीट से कांग्रेस के संजय कुमार जाटव, धौलपुर से कांग्रेस की शोभारानी कुशवाहा तथा राजाखेड़ा सीट से कांग्रेस के रोहित बोहरा, बाड़ी विधानसभा सीट पर बसपा के जसवंत सिंह गुर्जर जीते हैं। वहीं करौली जिले की टोडाभीम विधानसभा सीट पर कांग्रेस के घनश्याम मेहर तथा हिंडौन सीट पर कांग्रेस की अनीता जाटव जीती हैं। जबकि, करौली विधानसभा सीट पर भाजपा के दर्शन सिंह और सपोटरा सीट पर भाजपा के ही हंसराज मीणा जीते हैं।

भाजपा की परंपरागत सीट बनी
करौली-धौलपुर संसदीय क्षेत्र के अतीत पर गौर करें तो वर्ष 2008 में संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन के बाद यह अस्तित्व में आया। करौली-धौलपुर सीट पर वर्ष 2009 में हुए चुनाव में कांग्रेस के खिलाड़ी लाल बैरवा सांसद निर्वाचित हुए थे। बैरवा ने भाजपा के डॉ. मनोज राजोरिया को 29 हजार 723 मतों से हराया था। वर्ष 2014 में हुए संसदीय चुनाव में भाजपा के डॉ. मनोज राजोरिया ने बाजी मारी।

उन्होंने कांग्रेस के लखीराम को 27 हजार 216 मत से हराकर सीट को भाजपा के खाते में ला दिया। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सीट पर भाजपा के डॉ. मनोज राजोरिया का कब्जा बरकरार रहा। उन्होंने कांग्रेस के संजय कुमार को 97 हजार 682 मतों से हराया। लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत यह सीट फिलहाल भाजपा की परंपरागत सीट बन गई है।


भाजपा प्रदर्शन को दोहराने की जुगत में
धौलपुर। विधानसभा चुनाव में क्षेत्र के मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर भगवा खेमे में सनसनी फैला दी थी। इसका असर लोकसभा चुनाव पर देखा जा सकता है। भगवा खेमे में चिंता है, और यह स्वाभाविक भी है।
परंपरागत सीट होने के बाद भी भाजपा द्वारा जारी 195 प्रत्याशियों की पहली सूची में करौली-धौलपुर सीट पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं हो सकी है। जबकि संभाग की भरतपुर संसदीय सीट पर पार्टी पूर्व सांसद रामस्वरूप कोली को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा आलाकमान इस सीट पर विधानसभा चुनाव के नतीजे को लेकर मंथन कर रहा है। जिले में मिली करारी हार के बाद आलाकमान ने संगठन में व्यापक फेरबदल किया है।

चुनाव से पहले बनाए गए जिलाध्यक्ष सत्येंद्र पाराशर की बनाई नई कार्यकारिणी को मंजूरी दी है। इसमें ज्यादातर युवा चेहरों को शामिल किया गया है। भाजपा की कोशिश है राजस्थान में अपने 2014 और 2019 के प्रदर्शन को दोहराते हुए सभी 25 सीटों को जीते। यही वजह है पार्टी हर सीट पर गंभीर मंथन के बाद अंतिम फैसला कर रही है। भाजपा द्वारा जारी पहली सूची में प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों में से 15 पर ही उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है। करौली-धौलपुर समेत 10 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा होना बाकी है। इधर राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के बाद करौली-धौलपुर संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है। संवाद
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