भरतपुर के चिकसाना थाना क्षेत्र के गांव नौगाया में गुरुवार को पुलिस के पहरे में निकल रही दलित बेटी की बारात को लेकर विवाद हो गया। गांव के कुछ लोगों ने उत्पात मचाते हुए गीली दीवार गिराने के साथ पथराव कर दिया, जिसमें पुलिस की एक गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और दो व्यक्ति घायल हो गए। हालांकि पुलिस पथराव जैसी घटना से इंकार कर रही है लेकिन पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। वधू परिवार ने पहले ही झगड़े की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन को अवगत कराकर सुरक्षा मांगी थी, जिसके चलते यह बारात पुलिस के पहरे में निकल रही थी।
बारात में शामिल राजन सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की सुरक्षा में बारात निकल रही थी, तभी कुछ महिलाओं ने बीच में आकर बारात को रोक लिया। उसके बाद गांव के ही कुछ लोग उत्पात मचाने लगे पुलिस लोगों को रास्ते से हटा रही थी, तभी दीवार पर बैठे कुछ लोगों ने उसे धक्का देकर गिरा दिया और बारात पर पथराव किया। दीवार गिरने से पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई साथ ही पथराव में दो व्यक्ति घायल हो गए।
वधू के बड़े भाई राजवीर सिंह ने बताया कि वह सरकारी शिक्षक और अपनी इकलौती बहन की शादी धूमधाम से कराना चाहता था। इसी के चलते उसने गांव के अन्य लोगों के समान अपनी बहन की बारात निकालना चाह रहे थे। उन्होंने कहा कि गांव के कुछ लोग हमारे परिवार के साथ आपसी रंजिश रखते हैं और उन्होंने बारात निकालने पर पत्थरबाजी और जान से मारने की धमकी दी थी। इस संबंध में राजवीर ने संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर सुरक्षा की मांग की थी लेकिन पुलिस के पहरे के बाद भी गांव वालों ने बारात पर पथराव कर दिया।
इधर जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा का कहना है कि एक मकान के ऊपर दीवार बनी हुई थी, जो अचानक गिर गई, जिसका मलबा गिरने से पुलिस की गाड़ी का शीशा टूट गया। उन्होंने कहा कि गांव में स्थिति शांतिपूर्ण है, उत्पात मचाए जाने के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।