पश्चिम से पूर्व तक अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास में निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने राजस्थान की राजनीति में एक नई हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह क्षेत्र और सचिन पायलट की कर्मभूमि माने जाने वाले भरतपुर संभाग में भाटी का भव्य स्वागत हुआ। जयपुर से जब भाटी का काफिला रवाना हुआ, तो उसमें मात्र 10 गाड़ियां थीं, लेकिन बसवा पहुंचते-पहुंचते यह संख्या 100 से अधिक हो गईं। रास्ते में 40 से ज्यादा जगहों पर भव्य स्वागत हुआ, जिसमें राजपूत, गुर्जर और मीणा समाज के युवा बढ़-चढ़कर शामिल हुए। यही वह स्थान है, जहां "सचिन पायलट आई लव यू" का नारा जन्मा था, लेकिन इस बार भाटी को भी युवाओं ने अपनी पलकों पर बैठा लिया।
राणा सांगा की समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि, या पूर्वी राजस्थान में विस्तार की रणनीति?
भाटी ने महाराणा सांगा के महाप्रयाण स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उनके साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व एमएलसी ब्रजेश सिंह और भाजपा युवा नेता शशांक शेखर भी मौजूद रहे। इससे पहले भाटी ने राजेश पायलट के निर्वाण स्थल पर भी श्रद्धांजलि दी, जो उनके व्यापक सामाजिक समर्थन को दर्शाता है।
सपा सांसद रामजीलाल सुमन के बयान के बाद उबाल
हाल ही में सपा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा सदन में वीर शिरोमणि राणा सांगा पर की गई टिप्पणी के बाद राजपूत समाज सहित पूरे सर्व समाज में आक्रोश है। भाटी का यह कदम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे समाज को एकजुट करने और राजनीतिक समीकरणों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
ये भी पढ़ें- अवैध खनन करने वालों के खिलाफ अब जिला प्रशासन सख्त, कार्रवाई को लेकर डीएम ने की बैठक
बसवा: राजस्थान की राजनीति का नया केंद्र?
बसवा क्षेत्र अब राजस्थान की राजनीति का नया पावर सेंटर बनता दिख रहा है। यह क्षेत्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सचिन पायलट दोनों के लिए अहम है। ऐसे में भाटी की मौजूदगी और उनके प्रति युवाओं का आकर्षण, आने वाले दिनों में नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकता है।
क्या राजपूत समाज की एकता की ओर बढ़ रहे हैं भाटी?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाटी की यह सक्रियता सिर्फ एक समाज तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे सर्व समाज को जोड़ने की एक सोच-समझी रणनीति है। राजस्थान की राजनीति में इस घटनाक्रम का कितना असर होगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा, लेकिन इतना तय है कि भाटी ने पूर्वी राजस्थान में अपनी दस्तक मजबूती से दे दी है।
ये भी पढ़ें- मस्जिद में आग लगने से धार्मिक पुस्तकें जलने की बात, पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए FSL टीम बुलाई
भाटी का 36 कौमों को संदेश
रविंद्र सिंह भाटी ने महाराणा सांगा की समाधि स्थल पर दिए अपने भाषण में स्पष्ट कर दिया कि जो शूरवीर है वह 36 कौम के होते हैं और 36 कौम को मिलकर देश के इतिहास को शूरवीरों को और देश के गौरव को बचाना है। अगर हम काम में बैठे रहेंगे तो जो आज शूरवीरों के इतिहास को मिटाने का प्रयास हो रहा है। कल हमको भी मिटा दिया जाएगा। रविंद्र सिंह भाटी का 36 कौम को साधने का मैसेज पूर्वी राजस्थान में तेजी से अपनी जगह बना रहा है।
भाटी ने कहा कि कई लोग राजनीति चलाने के लिए अनर्गल टिप्पणियां करते हैं,
भाटी बोले राजनीति चलती है तो चल जाए नहीं तो खेती करके खा लेंगे। वहां बैठे लोगों से भी भाटी ने पूछा खेत है ना, जोत के खा लोगे तो लोगों ने भाटी की आवाज में आवाज मिलाई। भाटी पूर्वी राजस्थान में कहीं ना कहीं युवाओं को और अधेड़ को साधते हुए नजर आए। राजेश पायलट की प्रतिमा पर फूल चढ़ाना। मीना को साथ लेकर चलना। नरेश मीणा को अपना भाई बताना। राणा सांगा के माध्यम से राजपूत को साधना भाटी का एक अनूठा प्रयास रहा, जिसमें भाटी कल सफल दिखे।