एसआईआर अभियान को लेकर भरतपुर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बीएलओ
- फोटो : अमर उजाला
भरतपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बढ़ते दबाव से नाराज बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। देर शाम दर्जनों बीएलओ कलेक्ट्रेट पहुंचे और एसआईआर कार्य के अत्यधिक लोड तथा अधिकारियों के कथित तानाशाही व्यवहार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं बताईं।
सुबह से देर रात तक काम का आरोप, स्वास्थ्य पर प्रभाव
बीएलओ ने जिला प्रशासन को बताया कि 4 नवंबर से चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सुबह से लेकर रात 9 बजे तक लगातार काम करवाया जा रहा है। उनका कहना है कि लगातार दबाव और लंबे समय तक फील्ड में काम करने से कई बीएलओ मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। वे बताते हैं कि समय पर भोजन तक नहीं मिल पा रहा है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो रही है।
यह भी पढ़ें- Rajasthan News: एसआईआर के दबाव ने ली बीएलओ की जान, जेब से मिला सुसाइड नोट, सिस्टम पर उठे सवाल
जयपुर में बीएलओ के सुसाइड का हवाला, कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
प्रदर्शन कर रहे बीएलओ ने दावा किया कि अत्यधिक कार्यभार के दबाव में जयपुर के एक बीएलओ ने सुसाइड जैसा कदम उठा लिया। इस घटना के बाद कर्मचारियों में मानसिक तनाव और भय और बढ़ गया है। उनका कहना है कि अधिकारी तानाशाही तरीके से देर रात तक डोर-टू-डोर कार्य करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि कई बीएलओ के घरों में बीमार परिजन हैं जिनकी देखभाल तक वे नहीं कर पा रहे।
जांच, कार्रवाई और कार्यभार में राहत की मांग
जिला कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में बीएलओ ने मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगें दर्ज करवाईं। उन्होंने जयपुर घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रशासन से मानवीय व्यवहार करने और एसआईआर अभियान के कार्यभार में कमी सहित राहत देने को कहा है।
यह भी पढ़ें- Rajasthan: ‘भाजपा का बस चले तो वह चुनाव करवाए ही नहीं’, धन वितरण और SIR को लेकर निर्वाचन आयोग पर भी बरसे पायलट