भरतपुर में मानव तस्करी और नाबालिग लड़कियों के शोषण से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की जांच में सामने आया कि उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की एक नाबालिग बालिका को मानव तस्करी के जाल में फंसाकर, देह व्यापार, गैंग रेप, लुटेरी दुल्हन बनाकर उससे अवैध गतिविधियां कराई गईं।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजाराम भूतोली ने बताया कि बालिका अपने शराबी पिता की मारपीट से परेशान होकर सीतापुर से भागकर दिल्ली पहुंची थी। वहां से एक व्यक्ति उसे जम्मू-कश्मीर ले गया, जहां एक अधिकारी ने पूछताछ के बाद उसे बालिका गृह में भिजवा दिया। हालांकि, बालिका वहां से भी भाग गई और बाद में एक होटल संचालक के संपर्क में आ गई, जिसने उससे रेप किया व देह व्यापार कराया।
दोबारा दिल्ली आने पर युवक ने बनाया बंधक, किया गंदा काम
उन्होंने बताया कि इसके बाद बालिका फिर दिल्ली पहुंची, जहां वह एक युवक के संपर्क में आई। युवक ने बंधक बनाकर रेप किया। फिर युवक उसे मथुरा ले आया। मथुरा में उसकी मुलाकात अंजलि और चिंता देवी नामक महिलाओं से हुई। जांच में सामने आया कि दोनों महिलाएं मानव तस्करी और लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाने का काम करती हैं।
राजाराम भूतोली के अनुसार, आरोपी चिंता देवी बालिका को खेड़ली लेकर आई और वहां उससे देह व्यापार करने गली। इतना ही नहीं, उसे कथित रूप से 'लुटेरी दुल्हन' बनाकर एक युवक के साथ भेज दिया गया। बाद में चिंता देवी ने थाने में अपनी बेटी के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई और फिर बालिका को अपनी पुत्री बताकर थाने पेश किया।
पूछताछ के बाद चिंता देवी का सच आया सामने
बाल कल्याण समिति की पूछताछ में खुलासा हुआ कि पेश की गई बालिका चिंता देवी की बेटी नहीं, बल्कि सीतापुर से लापता हुई नाबालिग थी। जांच में यह भी सामने आया कि चिंता देवी झारखंड और उसकी सहयोगी अंजलि ओडिशा की रहने वाली है। दोनों महिलाओं पर वृंदावन, भरतपुर और आसपास के क्षेत्रों में मानव तस्करी, नाबालिग लड़कियों से देह व्यापार करने तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप हैं।
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थानें में मामला दर्ज, पूरे नेटवर्क की अलग-अलग एंगलों से हो रही पड़ताल
भूतोली ने बताया कि जैसे ही समिति को पता चला कि बालिका की पहचान छिपाकर उसे किसी और की बेटी के रूप में पेश किया गया है, मामले का संज्ञान लिया गया। इसके बाद बाल कल्याण समिति की ओर से सेवर थाने में मामला दर्ज कराया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।