भरतपुर। गांव नगला मान में सोमवार को एक मरीज को उपचार के लिए अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस बारिश के कारण फैले कीचड़ में फंस गई। चालक ने काफी मशक्कत की, बावजूद इसके एंबुलेंस निकल नहीं पाई और मरीज की एंबुलेंस में ही मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने भरतपुर-मथुरा सड़क मार्ग जाम कर दिया।
नगला माना गांव निवासी वीके फौजदार ने बताया कि सोमवार को पूरन सिंह (58) पुत्र भूरी सिंह को सांस की तकलीफ हुई। परिजन उन्हें एंबुलेंस में लेकर अस्पताल जा रहे थे। गांव के कच्चे रास्ते पर बरसात की वजह से कीचड़ हो गया था, जिसमें एंबुलेंस फंस गई। परिजन और एंबुलेंस चालक ने बहुत प्रयास किया लेकिन नहीं निकल पाई। मरीज ने समय पर उपचार नहीं मिलने की वजह से एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया।
बाद में किसी तरह ट्रैक्टर से बांधकर एंबुलेंस को बाहर निकाला गया। इससे गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने भरतपुर-मथुरा सड़क मार्ग को जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। वीके फौजदार ने बताया कि भरतपुर मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर स्थित गांव नगला माना की सड़क अब तक नहीं बन पाई है, जबकि यह गांव आजादी से पहले बसा था। गांव की पक्की सड़क होती तो एंबुलेंस नहीं फंसती और मरीज की जान बचाई जा सकती थी।