राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को जयपुर में अपने आवास पर प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सरकार और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। राजे ने कहा कि अन्तर्द्वन्द्व की शिकार कांग्रेस सरकार के लिए राहुल गांधी कह रहे हैं कि पार्टी में कोई क्लेश नहीं है। वे बताएं कि क्लेश नहीं होता तो वे होटलों में क्यों बंद रहते?
राहुल गांधी को तो राजस्थान के लोगों को मुंह दिखाने का भी हक नहीं है। वे भारत जोड़ने वाले नहीं, वादा तोड़ने वाले हैं। वे पहले किसानों का 10 दिन में संपूर्ण कर्जा माफ करने का वादा पूरा करते फिर यहां आते। ताकि जनता उन पर कुछ विश्वास जता पाती।
राजे ने कहा कि चुनाव से पहले कहा था कि जो जनता की नहीं सुनेगा, चाहे कितना ही बड़ा नेता क्यों न हो, उसे सरकार से बाहर कर दूंगा। यहां तो मंत्रियों और विधायकों की भी सुनवाई नहीं हो रही, जनता तो दूर की बात है। जो अपनी पार्टी को नहीं जोड़ सकते वो भारत जोड़ने चले हैं।
पूर्व सीएम ने गहलोत सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के विकास और जनता की सेवा का अपना फर्ज भूल गई है। सरकार का कार्यकाल पूरा होने तक प्रदेश के हर व्यक्ति पर करीब 87 हजार रुपये का कर्ज हो जाएगा, जो राजस्थान के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है।
इतने कर्ज के बावजूद इस सरकार के 4 साल में विकास का अकाल ही रहा। लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसते रहे, सरकार में बैठे लोग कुर्सी के लिए झगड़ते रहे। अपनी गलतियां छुपाने के लिए विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी को कोसते रहे। भाजपा सरकार के समय प्रदेश तरक्की की कतार में सबसे आगे था, वह आज पिछड़े राज्यों की लाइन में है। राजस्थान की 4 साल में प्रगति तो हुई है, लेकिन वह भ्रष्टाचार, महिला और दलित उत्पीड़न, गैंगवार, गैंग रेप, बेरोजगारी, पेट्रोल डीजल और बिजली की कीमतों में हुई है।