सार
Pahalgam Attack: सरकार ने खुद माना है कि सुरक्षा में चूक हुई है। उन्हें इनपुट मिले थे, इसके बाद उन्हें सतर्कता बरतनी चाहिए थी। लेकिन धर्म पूछकर मारा है, इस बात की कहीं पुष्टि नहीं हुई है या मोदी को बता देना इस बात का कहीं भी कोई पुख्ता सबूत नहीं है। कांग्रेस सांसद ने आगे क्या कुछ कहा आइये जानते हैं।
कांग्रेस सांसद उम्मेदराम बेनीवाल
- फोटो : अमर उजाला
भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद तनाव कम हो रहा है। सोमवार को बाड़मेर में मीडिया से बातचीत करते हुए बाड़मेर-जैसलमेर से कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई कार्रवाई की जमकर तारीफ की। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश की सेना पर फक्र और गर्व है। हालांकि इसी दौरान उन्होंने ऐसा कुछ कह दिया जिससे राजस्थान में नई बहस का मुद्दा छिड़ गया है।
धर्म पूछकर मारा, इसकी पुष्टि नहीं: सांसद
दरअसल, आंतकवादियों द्वारा 'धर्म पूछकर और मोदी को बता देना' वाले सवाल पर उन्होंने एक अटपटा बयान दे दिया। सांसद ने कहा कि सरकार ने खुद माना है कि सुरक्षा में चूक हुई है। उन्हें इनपुट मिले थे, इसके बाद उन्हें सतर्कता बरतनी चाहिए थी। लेकिन धर्म पूछकर मारा है, इस बात की कहीं पुष्टि नहीं हुई है या मोदी को बता देना इस बात का कहीं भी कोई पुख्ता सबूत नहीं है। ये एक प्रचार-प्रसार अलग तरीके से हो रहा है ये नहीं होना चाहिए। ये एक चिंताजनक विषय है कि निहत्थे-निर्दोष लोगों पर कायराना हमला हुआ है, इससे पूरे देश में लोगों के अंदर गुस्से का माहौल है।
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हालांकि उन्होंने आगे कहा कि भारत हमेशा शांतिप्रिय देश रहा है और शांति को प्राथमिकता दी है। लेकिन दुश्मन ने निर्दोष और बेगुनाह लोगों पर हमला किया है। दुश्मन देश की इस कायराना हरकत के बाद से पूरे देश में असंतोष था। बेनीवाल ने कहा भारतीय सेना द्वारा जवाबी कार्रवाई काबिले तारीफ है। पूरे देश को भारतीय सेना पर गर्व और फक्र है। उनके इस पराक्रम और शौर्य पर देश को नाज है। सीजफायर से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि सीजफायर होना ही चाहिए। क्योंकि भारत ने हमेशा शांति पर विश्वास रखा है। भारतीय सेना या भारत ने पहल नहीं की है। उनके उकसावे के जवाब में हमनें कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का सफाया होना जरूरी था, लेकिन मामले में तीसरे देश की मध्यस्थता लोगों को पसंद नहीं आई।
इंदिरा गांधी पर क्या बोले
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में हम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद करते हैं। उनके अंदर अदम्य साहस और हिम्मत थी। जब 1971 में युद्ध हो रहा था, तब अमेरिका ने धमकी दी थी कि हमारा सातवां बेड़ा भी आ रहा है, आप युद्ध बंद कर दो। लेकिन वो आयरन लेडी किसी के दबाव में नहीं आई। उस समय अमेरिका के सामने नहीं झुकी थी। लोगों को इस चीज का मलाल है कि अमेरिका के दबाव में आकर ऐसा नहीं करना चाहिए था। आपसी बातचीत करके करना चाहिए था।