मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग वाले इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर की स्थापना के निर्देश दिए हैं। साथ ही महल रोड, सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड जैसे प्रमुख मार्गों को डबल यू-टर्न सिस्टम के जरिए सिग्नल-फ्री बनाने की योजना पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में शर्मा ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और ट्रैफिक पुलिस को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द व्यापक ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू करने को कहा। उन्होंने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई और आर्थिक दंड के भी निर्देश दिए।
बैठक में सीबीआई फाटक, सालिग्रामपुरा फाटक और सिविल लाइंस फाटक पर आरओबी निर्माण, गोपालपुरा और सांगानेर एलिवेटेड रोड जैसे प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया। साथ ही जेएलएन मार्ग के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स अरण्य भवन से जगतपुरा एलिवेटेड रोड और द्रव्यवती एलिवेटेड कॉरिडोर की डीपीआर जल्द तैयार करने को कहा गया। इसके अलावा राम मंदिर, रेलवे यार्ड और रेलवे सर्किल को जोड़ने वाले आरओबी तथा अजमेर रोड के ओल्ड चुंगी अंडरपास की व्यवहार्यता का पुनः आकलन करने के निर्देश दिए गए।
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ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर फ्री लेफ्ट टर्न मॉडल को विस्तार देने और अवैध कट्स बंद करने के निर्देश दिए गए। साथ ही तय यू-टर्न प्वाइंट विकसित करने, लेन मार्किंग, जंक्शन री-डिजाइन और राउंडअबाउट निर्माण पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने व्यस्त बाजारों और चौराहों पर नियंत्रित पैदल पारपथ, स्कूल जोन में सुरक्षा उपाय, संकेतक, स्पीड कंट्रोल और ज़ेब्रा क्रॉसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में व्यवस्थित पार्किंग प्रबंधन लागू करने को कहा।
ट्रैफिक पुलिस को एनजीओ के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाने और एफएम रेडियो के जरिए रोड सेफ्टी का प्रचार करने को कहा गया। चालान के साथ नियमों की जानकारी भी देने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि वीओसी मोबाइल ऐप, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) और ड्रोन तकनीक के जरिए ट्रैफिक की निगरानी की जा रही है। प्रस्तावित कमांड सेंटर सभी विभागों के डेटा को जोड़कर रियल-टाइम ट्रैफिक कंट्रोल का मॉडल बनेगा।