राजस्थान के बाड़मेर में अस्पताल से दो दिन के नवजात बेटे को घर ले जा रहे दंपती की कार ट्रैक्टर से टकरा गई। हादसे में पति, पत्नी और नवजात की मौत हो गई, जबकि कार सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
बाड़मेर के रामसर क्षेत्र स्थित हाथमा गांव के पास कार और ट्रैक्टर की सीधी भिड़ंत में पति, पत्नी और उनके दो दिन के नवजात बेटे की मौत हो गई। 13 अक्तूबर की दोपहर करीब 3:30 बजे हुए इस भीषण हादसे में कार सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल से नवजात शिशु को घर ले जाते समय यह हादसा हुआ। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जब बालेवा गांव में एक ही घर से तीन अर्थियां उठीं, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में मातम छा गया।
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अस्पताल से घर लौटते समय भीषण हादसा
बालेवा निवासी लीलाराम के 26 वर्षीय पुत्र हिंगलाजराम की पत्नी 24 वर्षीया तुलसी देवी ने 11 अक्तूबर को बाड़मेर अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। 13 अक्तूबर को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद हिंगलाजराम अपनी पत्नी, दो दिन के बेटे, अपनी दोनों बहनों गुड्डी और शायरी तथा चालक के साथ कार से बालेवा जा रहे थे। इस दौरान हाथमा गांव के पास सामने से आ रहे ट्रैक्टर से कार की तेज टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया और उसमें सवार सभी छह लोग अंदर फंस गए। दुर्घटना के बाद मदद करने के बजाय लोग वीडियो बनाते रहे, लेकिन राहगीरों ने कार के दरवाजे तोड़कर सभी को बाहर निकाला। घायलों को निजी गाड़ियों और 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में हिंगलाजराम, उनकी पत्नी तुलसी देवी और नवजात बेटे की मौत हो गई, जबकि तुड़बी निवासी बहन गुड्डी, मोडा निवासी बहन शायरी और कार चालक घायल हो गए।
तीन साल पहले हुई थी शादी
हिंगलाजराम लकड़ी का काम करते थे और तीन भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनकी तीन साल पहले शादी हुई थी और वे अपने माता-पिता के साथ रहते थे। उनके बड़े भाई टाऊराम और छोटे भाई नाथूराम मकान निर्माण में मजदूरी करते हैं। पहला बच्चा होने पर पूरा परिवार बेहद खुश था, लेकिन इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया।