रामगढ़ क्रेटर क्षेत्र में लौटा केपी 2
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मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर राजस्थान के रामगढ़ क्रेटर क्षेत्र में पहुंचे चीते केपी-2 ने सात दिन तक यहां रुकने के बाद एक बार फिर मध्यप्रदेश की ओर मूवमेंट शुरू किया था, लेकिन अब वह दोबारा रामगढ़ क्षेत्र में लौट आया है। कूनो पार्क और बारां वन विभाग की संयुक्त टीमें उसकी 24 घंटे निगरानी कर रही हैं। फिलहाल उसे ट्रैंक्युलाइज कर वापस कूनो ले जाने की कोई योजना नहीं है।
जानकारी के अनुसार चीता केपी-2 कूनो नेशनल पार्क से निकलकर मध्यप्रदेश के बड़ौदा क्षेत्र में पहुंचा था और वहां से 27 नवंबर को राजस्थान के रामगढ़ क्रेटर क्षेत्र में दाखिल हुआ। पिछले सात दिनों तक उसने 5 से 7 किलोमीटर के दायरे में मूवमेंट किया और इस दौरान एक नीलगाय और एक बछड़े का शिकार भी किया।
बुधवार सुबह उसने क्रेटर क्षेत्र से निकलकर मध्यप्रदेश बॉर्डर की ओर बढ़ना शुरू किया और गुरुवार शाम तक करीब 10 किलोमीटर दूर तक पहुंच गया लेकिन शुक्रवार को वह फिर रामगढ़ क्षेत्र में वापस आ गया।
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डीएफओ बारां विवेकानंद मणिक राव बड़े ने बताया कि यह पहला मौका है, जब कूनो से निकला कोई चीता राजस्थान क्षेत्र में इतने लंबे समय तक रहा है। उन्होंने कहा कि चीता केपी-2 पिछले नौ दिनों से राजस्थान की सीमा में है और यहां उसने शिकार भी किया है। यह इलाका उसके लिए एक प्राकृतिक आवास जैसा प्रतीत हो रहा है।
उन्होंने बताया कि कूनो नेशनल पार्क की टीम के सदस्य 24 घंटे निगरानी में हैं, जबकि बारां वन विभाग की टीम 12-12 घंटे की शिफ्ट में मॉनिटरिंग कर रही है। दोनों विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि चीता दिन या रात में आंखों से ओझल न हो और उसकी सुरक्षा में कोई चूक न हो।
बारां वन विभाग और कूनो नेशनल पार्क की संयुक्त टीम फिलहाल चीते की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने कहा कि जब तक केपी-2 राजस्थान की सीमा में रहेगा, उसकी सुरक्षा और निगरानी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।