बारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।
विधायक की भी नहीं सुन रहे अधिकारी
हाल ही में बीते दिनों दांता ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित ग्रामीण समाचार समाधान शिविर के दौरान विधायक डॉ. ललित मीणा ने मौके पर पहुंचकर कार्य की गुणवत्ता देखी थी और भारी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए थे। विधायक के कड़े रुख के बावजूद, तीन सप्ताह का समय बीत चुका है। न तो ठेकेदार मौके पर लौटा है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने सुध ली है।
मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे जिम्मेदार
हाट बाजार में आने वाले दुकानदारों का कहना है कि ये चबूतरे उनके किसी काम के नहीं हैं। लाखों के बजट और विधायक की सक्रियता के बावजूद अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।