रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार ग्राम विकास अधिकारी
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डूंगरपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई कर सीमलवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत माण्डली के ग्राम विकास अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर घर का पट्टा जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
पट्टा जारी करने के लिए मांगी गई रिश्वत
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो डूंगरपुर के उपाधीक्षक रतनसिंह राजपुरोहित के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने और उसके भाई ने अपने घरों के पट्टे बनवाने के लिए ग्राम पंचायत माण्डली में नियमानुसार आवेदन किया था। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी रमेशचन्द्र सुवालका ने दोनों घरों के पट्टे जारी करने के लिए 8000 रुपये की मांग की थी। परिवादी पहले ही 4000 रुपये दे चुका था, जिसके बाद एक घर का पट्टा जारी कर दिया गया था।
सत्यापन में शिकायत सही पाई गई
परिवादी के अनुसार, आरोपी अधिकारी उसके भाई के घर का पट्टा जारी करने के लिए शेष 4000 रुपये की मांग कर रहा था। इस पर परिवादी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद 18 मार्च 2026 को एसीबी ने मांग का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
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जाल बिछाकर कार्यालय में ही की गिरफ्तारी
उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन और उपाधीक्षक रतनसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में एसीबी टीम ने जाल बिछाया। शुक्रवार को परिवादी ने आरोपी रमेशचन्द्र सुवालका को 4000 रुपये दिए। संकेत मिलते ही टीम ने कार्यालय में ही उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एसीबी की टीम फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई के तहत आरोपी को उदयपुर स्थित विशिष्ट न्यायालय में पेश किया जाएगा।