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Rajasthan: ट्रैक्टर की किश्त ने बनाया पति-पत्नी को कातिल, मां-बेटी की हत्या कर लूटे जेवर; 13 दिन बाद खुला राज

Sat, 13 Jun 2026 08:36 AM IST
चित्तौड़गढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़

सार

Pratapgarh: प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में हुए चर्चित मां-बेटी हत्याकांड का पुलिस ने 13 दिन बाद खुलासा कर दिया। ट्रैक्टर की फाइनेंस किश्त भरने के लिए मृतका के देवर बाबूलाल मीणा और उसकी पत्नी गेंदाबाई ने मानकी बाई और उनकी बेटी की हत्या कर जेवर व नकदी लूट ली थी। 
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हत्यारोपी पति-पत्नी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ट्रैक्टर की किस्त चुकाने और आर्थिक तंगी से उबरने की चाह ने एक दंपती को ऐसा अपराधी बना दिया कि उन्होंने अपने ही परिवार की दो महिलाओं की बेरहमी से हत्या कर दी। प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में हुए चर्चित मां-बेटी हत्याकांड और लूट के मामले का पुलिस ने 13 दिन बाद खुलासा करते हुए मृतका के देवर बाबूलाल मीणा और उसकी पत्नी गेंदाबाई को गिरफ्तार कर लिया है।

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29 मई को सामने आया था सनसनीखेज हत्याकांड
29 मई को सामने आए इस हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। मृतका मानकी बाई और उसकी बेटी कला उर्फ कमला घर में खून से लथपथ मिली थीं। वारदात के समय परिवार के पुरुष सदस्य मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे। बड़ी बेटी लाली शादी समारोह में शामिल होने गई थी और लौटने पर उसने मां और बहन को लहूलुहान हालत में देखा था।

ट्रैक्टर की किश्त ने बनाया हत्यारा
पुलिस के अनुसार, आरोपी बाबूलाल ने कुछ महीने पहले सेकेंड हैंड ट्रैक्टर खरीदा था। ट्रैक्टर के लिए 50 हजार रुपये जमा कराने के बाद उसे फाइनेंस की अगली किश्त भरनी थी, लेकिन पैसों का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। आर्थिक दबाव बढ़ने पर उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर भाभी के घर लूट की साजिश रच डाली।
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जेवरों की लालच में रची गई खूनी साजिश
आरोपियों को पता था कि मानकी बाई के पास सोने-चांदी के जेवर हैं और उसका पति घर पर नहीं है। 28 मई की रात दोनों कुल्हाड़ी और छुरी लेकर घर पहुंचे। मां-बेटी को सोता देख उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में कला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मानकी बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके बाद आरोपियों ने जेवर और नकदी लूट ली।

लूट का रूप देने के लिए की तोड़फोड़
वारदात को लूट और बाहरी अपराधियों की करतूत दिखाने के लिए घर में तोड़फोड़ भी की गई। इतना ही नहीं, अगले दिन दोनों आरोपी ग्रामीणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शोक जताकर खुद को संदेह से दूर रखने का प्रयास करते रहे।

चांदी के कड़े बेचने से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लूटे गए चांदी के कड़े बेचकर आरोपियों ने ट्रैक्टर की फाइनेंस किश्त जमा कराई थी। यही सुराग पुलिस को हत्यारों तक ले गया। तकनीकी निगरानी और साइबर विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने बाबूलाल को सीतामाता अभयारण्य के जंगलों से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पत्नी के साथ मिलकर हत्या और लूट की पूरी साजिश कबूल कर ली।

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साइबर जांच और पुलिस टीम की मेहनत लाई सफलता
पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि मामले में हत्या में इस्तेमाल हथियारों और शेष लूटे गए आभूषणों की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है। इस ब्लाइंड डबल मर्डर केस के खुलासे में देवगढ़ थाना पुलिस, साइबर सेल और जिला विशेष टीम की अहम भूमिका रही।

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