आरोपी महिपाल और शिक्षिका लीला दोनों एक दूसरे को जानते थे। इसके पहले भी आरोपी महिपाल ने शिक्षिका पर हमला किया था। इस केस में शिक्षिका ने ही उसकी जमानत करवाई थी। जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने लीला पर तलवार से हमला किया। उसके बाद वो फरार हो गया।
बांसवाड़ा जिले के कलिंजरा कस्बे में 1 जुलाई को तलवार के वार से शिक्षिका लीला की हत्या करने वाला आरोपी घटना के 5 माह बाद पुलिस के शिकंजे में आ गया है। उसे उदयपुर पुलिस की मदद से पकड़ा गया। आरोपी शिक्षिका का पूर्व प्रेमी भी रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। खास बात ये है कि इसी शिक्षिका ने आरोपी की जमानत भी करवाई थी।
गत एक जुलाई को कलिंजरा कस्बे में शैक्षिक सत्र शुरू होने पर पहले दिन स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रही शिक्षिका लीला पत्नी लक्ष्मण ताबियार निवासी तरियापाड़ा को उसके पूर्व प्रेमी महिपाल भगोरा निवासी ठीकरिया चंद्रावत ने पेट में तलवार से वार कर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद फरार होते समय आरोपी की कार एक पेड़ से टकरा गई थी। उसके बाद वह भाग गया था। आरोपी के जंगल में भाग जाने की संभावना पर खोजबीन के लिए ड्रोन की भी मदद ली गई थी। वारदात के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। आरोपी महिपाल की गिरफ्तारी को लेकर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। वह सेना भर्ती का प्रशिक्षण भी ले चुका था।
उदयपुर पुलिस की मदद से पकड़ा
आरोपी महिपाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि लीला पर आरोपी महिपाल ने पहले भी हमला किया था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। उस केस में लीला ही ने आरोपी की जमानत करवाई थी। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से हमला किया था। बांसवाड़ा से फरार होने के बाद वह अन्य जिलों सहित कुछ राज्यों में भी छिपता फिरा। वह विदेश जाने की भी योजना बना रहा था। आरोपी महीपाल शातिर प्रवृत्ति का है। फरार होने के बाद उसने अपने परिवार या दोस्त किसी से संपर्क नहीं किया। मोबाइल भी बंद रखा। हालांकि पुलिस तकनीकी माध्यम से निरंतर प्रयास करती रही और अंततः आरोपी अब पुलिस के शिकंजे में है। आरोपी को बागीदौरा न्यायालय में पेश करने के बाद हत्या के कारणों के बारे में पूछताछ की जाएगी।