भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की बांसवाड़ा इकाई ने सोमवार को जिले के बागीदौरा तहसील कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की। टीम ने वरिष्ठ सहायक योगेंद्र सिंह भाटी और उसके दो दलालों को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। रजिस्ट्री को रजिस्टर्ड मॉर्टगेज करने की एवज में रिश्वत मांगी गई थी।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अनुसार, एसीबी बांसवाड़ा इकाई को एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी। उसने बताया कि वह एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है। उसकी कंपनी की ओर से गृह ऋण दिया जाता है। आवेदकों को गृह ऋण स्वीकृत करने से पहले उनकी रजिस्ट्री को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से रजिस्टर्ड मॉर्टगेज करवाना जरूरी होता है। बागीदौरा तहसील कार्यालय के वरिष्ठ सहायक योगेंद्र सिंह भाटी दो रजिस्ट्री पत्रावलियों को रजिस्टर्ड मॉर्टगेज करने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था।
सत्यापन में सही मिली शिकायत
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 21 अगस्त को रिश्वत राशि की मांग का सत्यापन कराया। इस दौरान आरोपी योगेंद्र सिंह भाटी ने दोनों पत्रावलियों को रजिस्टर्ड मॉर्टगेज करने के लिए प्रति पत्रावली 2,500-2,500 रुपए की मांग की। परिवादी से बातचीत के दौरान दोनों पत्रावलियों पर 500-500 रुपए कम करने के बाद कुल 4 हजार रुपए लेने पर भाटी सहमत हो गया।
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दलाल को दिलवाई रिश्वत की राशि
सत्यापन के बाद सोमवार को एसीबी उदयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण और बांसवाड़ा एएसपी रतनसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई। परिवादी के तहसील कार्यालय पहुंचने पर वरिष्ठ सहायक भाटी ने 4 हजार रुपए अपने परिचित रतनसिंह नामक दलाल को दिलवाए और उसे यह राशि दूसरे दलाल विठ्ठल को देने के लिए कहा। रतनसिंह ने रिश्वत की राशि लेकर विठ्ठल को दे दी। इसके बाद एसीबी टीम ने वरिष्ठ सहायक योगेंद्र सिंह भाटी और दोनों दलालों रतनसिंह व विठ्ठल को रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के मकान पर भी तलाशी
एसीबी की टीम तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आरोपी योगेंद्र सिंह भाटी के निवास पर भी जांच और तलाशी की कार्रवाई की जा रही है। एसीबी ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान शुरू कर दिया है।