राजस्थान के आदिवासी बहुल बांसवाड़ा जिले में एक बार फिर सोने का खजाना मिलने की पुष्टि हुई है। पहले घाटोल ब्लॉक में दो स्थानों पर सोना होने की पुष्टि हो चुकी है। अब एक बार फिर इसी बांसवाड़ा जिले में नया खजाना मिला है। सोने का खजाना मिलने से बांसवाड़ा जिला अब देश में ‘सोने के गढ़’ के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। जिले के घाटोल क्षेत्र के खाकरिया का गढ़ा गांव में तीसरी सोने की खान के ब्लॉक होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। भू वैज्ञानिकों को इस गांव में लगभग 3 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में 1.20 टन स्वर्ण अयस्क के संभावित भंडार के पुख्ता संकेत मिले हैं। जल्द ही माइनिंग लाइसेंस जारी होने के बाद यहां खनन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
3 नवंबर को खुलेगी निविदा
स्वर्ण अयस्क के भंडार मिलने के संकेत पर केंद्र सरकार ने घाटोल ब्लॉक के खाकरिया का गढ़ा और इसके आसपास के करीब तीन वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में जी-2 स्तर की जांच के लिए गत 29 सितंबर को आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 14 अक्तूबर थी और 3 नवंबर को यह निविदायक खोली जाएगी इसके बाद सबसे अधिक गोली लगने वाली कंपनी को अनुज्ञा पत्र जारी किया जाएगा। जीसी ने करीब 6 साल पहले यहां सर्वेक्षण किया था और करीब 700 फीट की गहराई में खुदाई करने के बाद कुछ नमूने लिए थे, जिसकी विभागीय स्तर पर गहन जांच की गई।
तांबे के भी भंडार
खाकरिया का गढ़ा और इसके आसपास के क्षेत्रों में स्वर्ण अयस्क के साथ ही तांबे के भंडार होने के भी संकेत है। साथ ही कोबाल्ट, निकल से भी यहां की धरती समृद्ध है। गौरतलब है कि इससे पहले भी बांसवाड़ा के घाटोल में स्थित जगपुरा और देलवाड़ा भूखिया के 14 वर्ग किमी में सोने की खानों की पुष्टि हो चुकी है। इसमें जीएसआई ने करीब 12 टन सोने सहित कोबाल्ट और निकल होने की भी पुष्टि की थी। इसे लेकर पिछले वर्ष निविदा प्रक्रिया भी राज्यस्तर पर पूरी कर ली गई थी।
यह भी पढ़ें- Rajasthan Education System Changes: 'अब एक जैसी यूनिफॉर्म और राष्ट्रगान अनिवार्य', शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान
5 कंपनियों में प्रतिस्पर्धा
खाकरिया का गढ़ा के गोल्ड ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस के लिए 5 कंपनियों के बीच कॉम्पिटिशन है। इसमें अहमदाबाद की हीराकुंड नेचुरल रिसोर्सेस लिमिटेड, मुंबई की पोद्दार डायमंड प्राइवेट लिमिटेड, रतलाम की ओवैस मेटल एंड मिनरल्स प्रोसेसिंग लिमिटेड, उदयपुर की हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और कानपुर की जेके सीमेंट लिमिटेड में प्रतिस्पर्धा हैं।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
बांसवाड़ा जिले में स्वर्ण खनन से इलेक्ट्रॉनिक, पेट्रोलियम, पैट्रोकैमिकल्स, बैटरी, एयर बैग सहित कई उद्योगों में नए निवेश के साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अप्रत्याशित अवसर विकसित होंगे। इलेक्ट्रोनिक क्षेत्र में कच्चे माल की उपलब्धता, बैटरी उद्योग, सिक्कों की ढलाई, इलेक्ट्रॉनिक उद्योग आदि को बूम मिलेगा। एयर बैग, पैट्रोकैमिकल्स उद्योग आदि और इनके कच्चे माल की आपूर्ति के लिए विदेशों पर निर्भरता कम होगी। प्रदेश में सह खनिजों से जुड़ी इंडस्ट्रीज के नए निवेश से राजस्व और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर विकसित होंगे।
यह भी पढ़ें- Rajasthan News: फिर हुए 17 आरएएस के तबादले, दो दिन पहले कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव बने दिनेश शर्मा को भी हटाया