पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घाटोल थाना प्रभारी निर्भय सिंह ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी नाबालिग है और उसे हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पीड़िता को अपहरण के बाद कहां-कहां ले जाया गया। प्रारंभिक एफआईआर में केवल एक आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भी जांच कर रही है। पीड़िता के बयानों को दोबारा दर्ज किया जाएगा ताकि मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है और सभी सबूत जुटाने में जुटी है ताकि आरोपी को सजा दिलाई जा सके।
गंभीर चोटें और अस्पताल में इलाज
पीड़िता को 21 अगस्त को गंभीर हालत में बांसवाड़ा के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां प्रारंभिक उपचार के बाद उसे उदयपुर के महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में रेफर किया गया। डॉक्टरों ने 22 अगस्त को उसका ऑपरेशन किया, जिसमें पता चला कि उसके प्राइवेट पार्ट, मलद्वार, गर्भाशय और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दुष्कर्म के बाद बोतल या लकड़ी का डंडा डालने से ऐसी गंभीर चोटें आईं। पीड़िता को शौच के लिए पेट से नली लगाई गई है और उसके भीतरी अंगों में टांके लगाए गए हैं। वह अभी भी उदयपुर में भर्ती है और उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
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पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है। थाना प्रभारी निर्भय सिंह ने बताया कि पीड़िता के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सबूत जुटाए जा रहे हैं। मुख्य आरोपी से पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस अपराध में अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि मामले को त्वरित न्यायालय में ले जाया जाएगा ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिले।