राजस्थान के पाली में पिछले दिनों एक ज्वैलर्स की दुकान से लाखों रुपये के चांदी के जेवरात चोरी के मामले का खुलासा हुआ। वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी बांसवाड़ा जिले के हैं। वे बांसवाड़ा से गाड़ी लेकर पाली गए। इसके बाद हाईवे पर गाड़ी छोड़ पांच किलोमीटर पैदल चलने के बाद शहर में गए और वारदात को अंजाम दिया।
पाली शहर के सूरजपोल-सोमनाथ मंदिर रोड पर तरूण ज्वेलर्स से 24 जून की सुबह दुकान में छत के रास्ते उतरे चोरों ने 17 किलो चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे। चोरी हुए जेवरात की करीब 18 लाख रुपये थे। चोरों की फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। इसे लेकर शोरूम मालिक तरूण पुत्र सुरेशचंद्र खजवानिया ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
फुटेज खंगाले, मिली सफलता
प्रकरण दर्ज होने के बाद पाली कोतवाली पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले। इसमें सामने आया कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद पैदल-पैदल हाईवे पर खड़ी की गई अपनी बोलेरो गाड़ी तक गए। पुलिस ने पाली से बांसवाड़ा तक 100 से अधिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे देखे और आरोपियों की पहचान की। इसके बाद बांसवाड़ा पुलिस की मदद से आरोपियों को पकड़ा।
पहले रेकी की, इसके बाद वारदात
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी बांसवाड़ा के पाड़ला गणेशीलाल निवासी दिनेश पुत्र मनजी मईडा और चीब निवासी राजू पुत्र बापूलाल निनामा शातिर चोर हैं। गाड़ी में छह जने थे। उन्होंने अपनी गाड़ी हाईवे किनारे झाड़ियों में छुपाई। करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर पाली शहर में आए। दिन में ज्वेलरी शॉप की रेकी की। 24 जून की तड़के तीन जने शोरूम की छत के रास्ते अंदर घुसे और वारदात को अंजाम दिया। उनके तीन अन्य साथी बाहर खड़े रहे। वारदात के बाद अपनी गाड़ी से फरार हो गए।
सिर्फ चांदी पर नजर
कोतवाली थानाधिकारी अनिल कुमार के अनुसार पुलिस की पूछताछ में आरोपी दिनेश और राजू ने बताया कि वे ज्वेलर्स की दुकान पर ही वारदात करते थे। दुकान में सोने की अपेक्षा चांदी के जेवर शोकेस में रखे मिल जाते थे। चांदी के जेवर बेचने में भी दिक्कत नहीं होती थी। पुलिस ने वारदात में उपयोग ली गाड़ी भी बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पाली के अलावा कई अन्य जिलों में भी चोरी की वारदात की हैं।
चार दिन इंतजार के बाद पकड़ा
उन्होंने बताया कि आरोपी बांसवाड़ा जिले में माही बांध क्षेत्र के पास के गांवों के निवासी हैं। वारदात के बाद बांसवाड़ा आकर जंगल में छिप जाते थे। पुलिस को उनको पकड़े के लिए चार दिन तक इंतजार करना पड़ा। जंगल से बाहर आने पर दोनों आरोपियों को पकड़ा। उन्होंने बताया कि आरोपी पहाड़ियों में चढ़ने में माहिर हैं। इसी कारण वे बहुमंजिला इमारतों पर भी चढ़ जाते हैं। पुलिस अब उनके चार साथियों की तलाश में जुटी है।