बांसवाड़ा में भाजपा उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी
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बांसवाड़ा नगर परिषद के 59 वार्डों में बुधवार को मतदान के बाद गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी ने सभी उम्मीदवारों की बाड़ाबंदी कर ली। दोपहर करीब डेढ़ बजे सभी उम्मीदवारों को अज्ञात स्थान के लिए रवाना किया गया। कुछ उम्मीदवारों के साथ उनके एक परिजन भी हैं। भाजपा की ओर से पहले मतदान के बाद ही उम्मीदवारों की बाड़ाबंदी की तैयारी की गई थी, लेकिन इसे गुरुवार तक टाल दिया गया। इधर, कांग्रेस की ओर से भी प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी की सुगबुगाहट है।
एक-एक कर पार्टी कार्यालय पहुंचे उम्मीदवार
भाजपा ने गुरुवार सुबह सभी उम्मीदवारों को फोन कर दोपहर एक बजे तक पार्टी कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए। इसके बाद एक-एक कर उम्मीदवार पार्टी कार्यालय पहुंचने लगे। दोपहर करीब डेढ़ बजे सभी उम्मीदवार बस में सवार हुए। इसके बाद बस उदयपुर मार्ग से अज्ञात और सुरक्षित स्थान के लिए रवाना हो गई। उम्मीदवारों की रवानगी के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष हकरू मईड़ा, महामंत्री जयपालसिंह डाबी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
महिला उम्मीदवारों के साथ पति भी गए
भाजपा की ओर से बाड़ाबंदी में शामिल महिला उम्मीदवारों के साथ उनके पति भी गए हैं। पहली बार पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली महिलाओं के लिए यह बाड़ाबंदी कुछ हद तक अचरज भरी रही। हालांकि, परिजनों के साथ रहने से वे चिंतामुक्त भी नजर आईं। पार्टी की ओर से सभी उम्मीदवारों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था की गई।
मतगणना तक रहेगी बाड़ाबंदी
प्रथम और द्वितीय चरण के चुनाव के बाद उम्मीदवारों की बाड़ाबंदी 14 सितंबर को होने वाली मतगणना तक के लिए की गई है। नगर परिषद में सभापति का चुनाव 21 सितंबर को होना है। ऐसे में चुनाव परिणाम आने के बाद विजयी उम्मीदवारों को एक बार फिर 21 सितंबर तक बाड़ाबंदी में रखा जा सकता है।
टूट रोकने के लिए फिर होगी घेराबंदी
सभापति चुनाव को देखते हुए परिणाम के बाद विजयी उम्मीदवारों की दोबारा बाड़ाबंदी की संभावना है। इसका मकसद पार्टी के भीतर किसी भी तरह की टूट को रोकना और सभापति चुनाव के दौरान सभी विजयी पार्षदों को एकजुट रखना होगा। कांग्रेस की ओर से भी प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी को लेकर तैयारियों की चर्चा है।