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Banswara News: हैंडपंप घोटाले में BDO नरेश कुमार पंचाल निलंबित, अब जयपुर में देनी होगी उपस्थिति

Thu, 05 Jun 2025 10:39 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा

सार

Banswara: जांच में सामने आया कि अरथूना पंचायत समिति द्वारा 212 हैंडपंपों के लिए 1 करोड़ 28 लाख 15 हजार 752 रुपए का भुगतान किया गया था। भौतिक सत्यापन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि हैंडपंपों में टेंडर की शर्तों के अनुसार केसिंग पाइप की बजाय पीवीसी पाइप लगाए गए थे।
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बांसवाड़ा का जिला परिषद भवन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अरथूना पंचायत समिति में हुए सवा करोड़ रुपए के हैंडपंप घोटाले के मामले में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने तत्कालीन कार्यवाहक विकास अधिकारी नरेश कुमार पंचाल को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें जयपुर में विभाग के समक्ष नियमित उपस्थिति देनी होगी।

विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने इस संबंध में जिला परिषद बांसवाड़ा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोपाललाल स्वर्णकार को पत्र भेजा है। वर्तमान में नरेश कुमार पंचाल आनंदपुरी पंचायत समिति में अतिरिक्त बीडीओ के रूप में कार्यरत हैं। अरथूना में कार्यरत रहने के दौरान उन पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे, जिनकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जांच हुई और उन्हें चार्जशीट भी जारी की गई थी। विभागीय स्तर पर जांच अभी भी जारी है।

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212 हैंडपंपों में मिली अनियमितता

जांच में सामने आया कि अरथूना पंचायत समिति द्वारा 212 हैंडपंपों के लिए 1 करोड़ 28 लाख 15 हजार 752 रुपए का भुगतान किया गया था। भौतिक सत्यापन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि हैंडपंपों में टेंडर की शर्तों के अनुसार केसिंग पाइप की बजाय पीवीसी पाइप लगाए गए थे। इसके अलावा अन्य सामग्री भी मूल्य से कम गुणवत्ता की पाई गई। इस वजह से 21 लाख 16 हजार 984 रुपए का अधिक भुगतान किया गया था।

वसूली और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश

शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि नरेश कुमार पंचाल के विरुद्ध राजस्थान सेवा नियमावली के तहत सीसीए-16 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, अनियमित व्यय की राशि निर्धारित कर संबंधितों से वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाए और इस संबंध में विभाग को सूचित किया जाए।इसके अलावा, यदि इस प्रकरण में जिला परिषद या पंचायत समिति स्तर पर अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

 

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