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Crime: बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट बनाकर हड़पे 78 लाख, दिल्ली बम ब्लास्ट केस में नाम जोड़ने की दी थी धमकी

Sun, 23 Nov 2025 06:19 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा

सार

Banswara Crime: बांसवाड़ा में साइबर ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट किया और बम ब्लास्ट व मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी देकर 78 लाख रुपये ठग लिए। मामला सामने आने पर पीड़ितों ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
 
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डिजिटल अरेस्ट। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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बांसवाड़ा शहर में एक बुजुर्ग दंपति को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट बनाकर 78 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना दिया। ठगों ने खुद को दिल्ली और मुंबई का बड़ा पुलिस अधिकारी बताते हुए दावा किया कि बुजुर्ग का मोबाइल नंबर दिल्ली बम ब्लास्ट केस में इस्तेमाल हुआ है। मनी लॉन्ड्रिंग और गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी देकर दंपति को मानसिक रूप से डराया गया।

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डर के माहौल में आधार नंबर और व्यक्तिगत जानकारी साझा की
पैलेस रोड निवासी 75 वर्षीय सत्यनारायण दोसी ने साइबर थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 19 नवंबर को उनके फोन पर अज्ञात नंबर से वाट्सएप कॉल आया। कॉलर ने अपना नाम प्रेम कुमार बताते हुए खुद को उच्च स्तर का पुलिस अधिकारी कहा। लगातार वीडियो कॉल कर बुजुर्ग पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस होने और बम ब्लास्ट में मोबाइल नंबर के उपयोग का झूठा आरोप लगाया। डर के कारण बुजुर्ग ने आधार कार्ड नंबर सहित अन्य जानकारी साझा कर दी। बाद में उनकी पत्नी को भी कॉल कर धमकियां दी गईं।
 
30 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट, घर से निकलने की मनाही
रिपोर्ट में कहा गया कि बुजुर्ग दंपति को बताया गया कि वे 5 करोड़ रुपये के घोटाले में लिप्त हैं। ठगों ने उनकी सभी एफडी तोड़कर बचत खातों में जमा राशि भेजने का दबाव बनाया। वाट्सएप कॉल लगातार ऑन रखने को कहा गया और दावा किया कि घर के बाहर साधारण वेश में पुलिसकर्मी तैनात हैं। करीब 30 घंटे तक दंपति डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में रहे और किसी से संपर्क नहीं कर सके।
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फर्जी पत्र भेजकर बैंक खाता बताया, 78 लाख रुपये ट्रांसफर कराए
20 नवंबर को ठगों ने वाट्सएप पर एक पत्र भेजा, जिसमें यस बैंक का खाता संख्या और IFSC कोड दिया गया था। आदेशानुसार दंपति ने एफडी तोड़कर बचत खाते में राशि जमा कराई और फिर 78 लाख रुपये RTGS के जरिए आरोपियों के बताए खाते में भेज दिए। बाद में जब और पैसे की मांग की गई, तब उन्हें संदेह हुआ और बेटे से बात की। इसकी पुष्टि के बाद उन्होंने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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पुलिस से धन वापस दिलाने और कार्रवाई की मांग
पीड़ित दंपति ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर साइबर ठगों को गिरफ्तार करने और हड़पी गई राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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