Banswara: बांसवाड़ा जिले के निचली नाल गांव में दूषित पानी पीने से एक ही परिवार के छह सदस्य बीमार हो गए। सभी को उल्टी-दस्त और घबराहट की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एमजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने पेयजल स्रोतों की जांच की मांग की है।
बांसवाड़ा जिले के आंबापुरा थाना क्षेत्र के निचली नाल गांव में दूषित पानी पीने से एक ही परिवार के छह सदस्य बीमार हो गए। अचानक उल्टी-दस्त और घबराहट की शिकायत होने पर सभी को एंबुलेंस के माध्यम से पहले बदरेल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल रेफर कर दिया गया। सभी मरीजों का उपचार जारी है।
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पानी पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों के अनुसार, निचली नाल निवासी लक्ष्मी, नारायण, गुड्डी, रीना, मोना और भूमिका ने शनिवार को घर में ही पानी का सेवन किया था। पानी पीने के कुछ ही समय बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। एक-एक कर परिवार के सदस्यों को तेज उल्टियां, दस्त और बेचैनी की शिकायत होने लगी।
एक साथ कई लोगों के बीमार होने से मचा हड़कंप
घर में एक साथ कई लोगों के बीमार होने से परिजनों में हड़कंप मच गया। स्थिति गंभीर होती देख अन्य परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर सभी को बदरेल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन मरीजों की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए एमजी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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एमजी अस्पताल में जारी है उपचार
महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में सभी मरीजों का उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पेयजल की गुणवत्ता की जांच की मांग
घटना के बाद गांव में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) से पेयजल स्रोतों की तत्काल जांच कराने तथा दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई तो ऐसी घटनाएं दोबारा भी हो सकती हैं।