रिश्वत लेते गिरफ्तार सीजेएम कोर्ट के रीडर और होमगार्ड
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राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार को बांसवाड़ा में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोर्ट के ग्रेड-I क्लर्क संदीप कुमार नानावटी और होमगार्ड ड्राइवर राहुल चंदेल को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने यह घूस शिकायतकर्ता की जमानत रद्द न होने देने, अदालत में लंबित मामले में सजा से बचाने और केस में मदद करने के बदले मांगी थी। ब्यूरो की टीम ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के रीडर और ड्राइवर को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथों पकड़ा।
सत्यापन में खुला पहले का लेनदेन
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार ब्यूरो को मिली शिकायत में बताया गया था कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के रीडर संदीप कुमार नानावटी ने होमगार्ड ड्राइवर राहुल चंदेल के जरिये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता और सह-शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर ब्यूरो ने 11 अक्तूबर को रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया था। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपियों ने इससे पहले भी शिकायतकर्ता से खर्चे-पानी के बहाने 2,000 रुपये ऐंठे थे। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद ब्यूरो की टीम ने ट्रैप की पूरी योजना बनाई।
रंगे हाथों हुई दोनों की गिरफ्तारी
ब्यूरो की उदयपुर रेंज के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के पर्यवेक्षण और उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में ट्रैप की योजना बनाई गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से राहुल चंदेल को शिकायतकर्ताओं से 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके तुरंत बाद मुख्य आरोपी संदीप कुमार नानावटी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
ठिकानों पर तलाशी और ब्यूरो की अपील
ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस परिमला के निर्देशन में दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो की टीम दोनों आरोपियों के आवासों और अन्य ठिकानों पर भी तलाशी ले रही है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। इस बीच ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जांच के डर का फायदा उठाने वाले बिचौलियों या धोखेबाजों के झांसे में न आएं। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ ब्यूरो में कोई शिकायत या प्रारंभिक जांच चल रही है, तो वह सीधे ब्यूरो के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है। निष्पक्ष जांच के बाद ही नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाता है।