पीटीआई भर्ती परीक्षा 2022 में फर्जी डिग्री प्रकरण को लेकर स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को बांसवाड़ा के छह अभ्यर्थियों सहित कुल 47 अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फर्जी डिग्री मामले में एसओजी विभिन्न जिलों में जांच कर रही है और लगातार प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं।
इसी सिलसिले में चूरू जिले की राजगढ़ एसओजी यूनिट ने जांच को आगे बढ़ाते हुए चूरू स्थित ओपीजेएस विश्वविद्यालय के प्रबंधन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इस विश्वविद्यालय से जारी फर्जी डिग्रियों के आधार पर अभ्यर्थियों ने नौकरी प्राप्त की।
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बांसवाड़ा जिले के जिन छह अभ्यर्थियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ है, उनमें संगरिया निवासी सोहनलाल राणा, हमीरपुरा निवासी भीमसिंह, गोसाईं का पारड़ा निवासी ईश्वरलाल, टामटिया आड़ा निवासी यशपालसिंह राणावत, बिजौर निवासी हरिकिशन कटारा और हमीरपुरा निवासी जयप्रकाश शामिल हैं। इसके अलावा डूंगरपुर जिले के दिवड़ा बड़ा निवासी रितिका पाटीदार को भी नामजद किया गया है।
गौरतलब है कि पीटीआई भर्ती 2022 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। करीब 1200 संदिग्ध अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच में 300 से अधिक अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे। एसओजी ने उत्तर प्रदेश और चूरू की उक्त यूनिवर्सिटी से जारी संदिग्ध डिग्रियों के आधार पर नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
फर्जी दस्तावेजों की शिकायतों के बाद चयनित अभ्यर्थियों के नियमितीकरण पर रोक लगा दी गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि 150 से अधिक उम्मीदवारों ने 16 जून 2022 की विज्ञप्ति तिथि के बाद जारी डिग्रियां प्रस्तुत की थीं। मामले की जांच जारी है।