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Banswara: सोनोग्राफी रजिस्ट्रेशन के नाम पर रिश्वत का खेल, संयुक्त निदेशक का दलाल 30 हजार की घूस लेते गिरफ्तार

Sat, 11 Jul 2026 07:50 AM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा

सार

सोनोग्राफी मशीन के पंजीकरण की स्वीकृति के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। मामले में संयुक्त निदेशक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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हिरासत में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की बांसवाड़ा इकाई ने उदयपुर में ट्रैप कार्रवाई करते हुए संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं (जोन-उदयपुर) डॉ. रतन बिलवाल के लिए रिश्वत लेने वाले अब्दुल कादिर को 30 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार कार्रवाई की भनक लगते ही संयुक्त निदेशक कार्यालय से चले गए, जिनकी तलाश की जा रही है।

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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी बांसवाड़ा को शिकायत मिली थी कि परिवादी की लैब में सोनोग्राफी मशीन के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट के नाम का पंजीकरण स्वीकृत करने के एवज में संयुक्त निदेशक की ओर से कथित रूप से एक दलाल के माध्यम से 1 लाख 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।

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शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें एसीबी के अनुसार 30 हजार रुपये की पहली किस्त लेने पर सहमति बनी। इसके बाद उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन तथा पुलिस उपाधीक्षक रतनसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान परिवादी ने 30 हजार रुपये की रिश्वत राशि अब्दुल कादिर को दी। राशि स्वीकार करते ही एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
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एसीबी के अनुसार कार्रवाई की जानकारी मिलते ही संयुक्त निदेशक डॉ. रतन बिलवाल कार्यालय से निकल गए। उनकी तलाश की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है। अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है। ब्यूरो ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।

 

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