भाजपा से सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल करती पार्षद सुशीला गुप्ता।
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डूंगरपुर नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया है, लेकिन सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित सभापति पद को लेकर पार्टी में खींचतान नजर आ रही है। सभापति पद के नामांकन के दिन भाजपा के दो दावेदारों ने नामांकन दाखिल कर दिया। अब पार्टी जिसे सिंबल देगी, वही अधिकृत प्रत्याशी होगा।
डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों में भाजपा ने 24 सीटों पर जीत हासिल कर बहुमत प्राप्त किया है। इसके बाद सभापति पद की दौड़ में पूर्व जिला अध्यक्ष प्रभु पंड्या और पूर्व सभापति केके गुप्ता की पत्नी सुशीला गुप्ता प्रमुख दावेदार मानी जा रही थीं। दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने समर्थक पार्षदों के साथ होने का दावा किया जा रहा था। ऐसे में बुधवार को होने वाले नामांकन पर सभी की निगाहें टिकी थीं।
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दोनों ने दाखिल किए नामांकन
एक नाम पर सहमति नहीं बनने के कारण भाजपा में सभापति पद को लेकर कशमकश बनी रही। बुधवार को पूर्व जिला अध्यक्ष प्रभु पंड्या ने सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया। इसके बाद सुशीला गुप्ता ने भी पर्चा भर दिया। अब पार्टी के सिंबल को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। पार्टी जिसे सिंबल देगी, वही भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी होगा। कांग्रेस की ओर से भरत नागदा ने सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया है।
सागवाड़ा में आशा पाटीदार के नाम पर मुहर
डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगर पालिका में भाजपा ने बहुमत हासिल करने के बाद अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद के लिए आशा पाटीदार के नाम पर मुहर लगा दी है। अन्य पिछड़ा वर्ग में आने वाले दूसरे समाजों से भी महिला पार्षद चुनी गई हैं, जिसके चलते अध्यक्ष पद के लिए समाज स्तर पर भी दावेदारी की जा रही थी। हालांकि, पार्टी ने अंत में आशा पाटीदार के नाम पर भरोसा जताया। कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष पद के लिए पूर्व में घोषित भूमिका पंचाल ने नामांकन दाखिल किया है। सागवाड़ा में भाजपा को 35 में से 22 वार्डों में जीत मिली है।