नगर परिषद के आगामी निकाय चुनावों के लिए वार्ड आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया को लेकर भाजपा ने आपत्ति जताई है। भाजपा नेताओं ने एससी और एसटी वर्ग के लिए आरक्षित किए कुछ वार्डों में संबंधित वर्ग की आबादी नहीं होने का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया को गलत बताया। नेताओं ने आरक्षण का दोबारा भौतिक सत्यापन कराने और नई लॉटरी निकालने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर कोर्ट जाने की चेतावनी भी दी गई।
निकाय चुनावों को लेकर जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया हुई। डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों का आरक्षण सबसे पहले तय किया गया। प्रक्रिया शुरू होने से पहले कलेक्टर देशलदान और एडीएम प्रकाशचंद्र रैगर ने आरक्षण लॉटरी से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी दी।
लॉटरी में एससी वर्ग के लिए वार्ड संख्या 6, 7 और 8 आरक्षित किए गए। इसके बाद इनमें महिला आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। एसटी वर्ग के लिए वार्ड संख्या 3, 11, 23, 25 और 28 आरक्षित किए गए। इन वार्डों में भी महिला आरक्षण की लॉटरी हुई। वहीं ओबीसी वर्ग के लिए आठ वार्ड आरक्षित किए गए और इसके बाद महिला आरक्षण निर्धारित किया गया। सामान्य वार्डों में भी महिला आरक्षण की लॉटरी निकाली गई।
भाजपा ने आरक्षण पर जताई आपत्ति
लॉटरी प्रक्रिया के बाद भाजपा के पूर्व उपसभापति सुदर्शन जैन, पूर्व पार्षद मनोहर पटेल और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या ने आरक्षण पर सवाल उठाए। सागवाड़ा विधायक शंकर डेचा और भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल ने भी समर्थन किया। सुदर्शन जैन ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के लिए आरक्षित कुछ वार्डों में संबंधित वर्ग की पर्याप्त आबादी नहीं है। उन्होंने कहा कि आरक्षण जनसंख्या के आधार पर होना चाहिए, लेकिन जिन वार्डों को आरक्षित किया गया है, वहां आरक्षित वर्ग की आबादी को लेकर गंभीर सवाल हैं।
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कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा नेताओं ने कलेक्टर के चैंबर में पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल, विधायक शंकर डेचा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या और पूर्व उपसभापति सुदर्शन जैन समेत अन्य नेताओं ने आरक्षण प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा नेताओं ने विशेष रूप से वार्ड 7, 23 और 25 का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन वार्डों में एसटी आबादी नहीं है।
उनके अनुसार, वार्ड 23 में ओबीसी और वार्ड 25 में एससी वर्ग की आबादी है। ऐसे में इन वार्डों को एसटी के लिए आरक्षित किए जाने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए। भाजपा ने वार्डों में आरक्षित वर्ग की आबादी का दोबारा भौतिक सत्यापन कराने और सत्यापन के बाद आरक्षण की नई लॉटरी निकालने की मांग की। नेताओं ने कहा कि यदि प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया तो वे न्यायालय का रुख करेंगे।
कलेक्टर ने जांच का दिया आश्वासन
भाजपा की आपत्तियों पर कलेक्टर देशलदान ने कहा कि वार्डों का आरक्षण जनसंख्या के आधार पर किया गया है। हालांकि, भाजपा की ओर से उठाए गए सवालों को लेकर उन्होंने जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि संबंधित वार्डों में जनसंख्या की स्थिति की दोबारा जांच की जाएगी