नगर पालिका में अध्यक्ष और पंचायतीराज में जिला प्रमुख रहे छगनलाल नेमा
- फोटो : Amar Ujala
राजनीति को जनसेवा का अवसर माना जाता है। जनता के दिलों में बसने वाले कुछ बिरले राजनेता शहर हो या गांव, कभी पीछे नहीं रहते और पराजय का मुंह नहीं देखते हैं। ऐसे ही एक बिरले राजनेता बांसवाड़ा में हुए, जिन्हें नगर निकाय में शहरी जनता और बाद में जिला प्रमुख के रूप में जिले की जनता की सेवा का अवसर मिला।
राज्य में पंचायतीराज चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इसके साथ ही वार्ड पंच से लेकर जिला प्रमुख तक के पदों के लिए चुनावी सरगर्मियां परवान पर चढ़ने लगी हैं। जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिला भी पीछे नहीं है। पंचायतीराज चुनाव के तहत बांसवाड़ा में जो जिला प्रमुख बने, उनमें छगनलाल नेमा का नाम विशिष्टता लिए हुए है।
पहले पालिका, फिर जिले की कमान
आजादी के बाद कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में सम्मिलित छगनलाल नेमा पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी और उनके अन्य सहयोगियों के साथ रहे। कांग्रेस के प्रति उनकी निष्ठा के कारण नेमा वर्ष 1951 में हुए नगर पालिका के चुनाव में अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने 20 अप्रैल 1951 से लेकर 8 अप्रैल 1958 तक अध्यक्ष का पदभार संभाला। सात वर्षों के बाद नेमा एक मार्च 1965 से लेकर 1977 तक जिला प्रमुख भी रहे। इस तरह उन्होंने पहले नगर निकाय और बाद में जिला प्रमुख के रूप में जनता की सेवा की।
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न्यूजर्सी में डिप्टी मेयर बने शाह
बांसवाड़ा की सज्जनगढ़ पंचायत समिति में प्रधान रहे विनोद शाह ने अमेरिका में भी भारतीय लोकतंत्र की पहचान कायम रखी। बांसवाड़ा से सटे गुजरात के झालोद कस्बे के मूल निवासी विनोद शाह व्यापार के सिलसिले में सज्जनगढ़ आए तो यहीं के होकर रह गए। उन्होंने दूध डेयरी का काम किया। इसके बाद वे स्थानीय राजनीति में सक्रिय हुए। पहले ग्राम पंचायत के सरपंच बने। इसके बाद 1 जनवरी 1982 से 15 मार्च 1986 तक सज्जनगढ़ पंचायत समिति के प्रधान रहे। इसके बाद वे अपनी पुत्री दिशा के पास अमेरिका के न्यूजर्सी चले गए। वहां जाकर जनसेवा में जुटे। उनके जनहित के कार्यों से प्रभावित होकर अमेरिका की सरकार ने उन्हें न्यूजर्सी सिटी का डिप्टी मेयर बना दिया। कार्यकाल पूरा होने के बाद भी वे राजनीति में सक्रिय रहे।