बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र में अंधविश्वास फैलाकर लोगों को ठगने वाले एक तांत्रिक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह श्मशान घाट पर तंत्र-मंत्र के जरिए ‘पैसों की बारिश’ कराने का दावा कर रहा था। पुलिस ने बुधवार देर रात पाडी लसोड़िया गांव के श्मशान घाट पर दबिश देकर 2 मास्टरमाइंड सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
थानाधिकारी धनपत सिंह के अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ बाहरी लोग श्मशान घाट पर संदिग्ध गतिविधियां कर रहे हैं। सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां आरोपी घेरा बनाकर तांत्रिक क्रिया करते हुए मिले। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया।
कई प्रकार की मिली सामग्री
जांच के दौरान मौके से तांत्रिक अनुष्ठान में इस्तेमाल होने वाली कई वस्तुएं बरामद की गईं। इनमें एक मुर्गा, जिसे बलि के लिए लाया गया था, तीन केले, अगरबत्ती, माचिस, सिंदूर, नारियल और अन्य पूजन सामग्री शामिल है। बताया जा रहा है कि आरोपी मुर्गे को शराब पिलाकर उसकी बलि देने की तैयारी में थे।
एडवांस लिए 50 हजार रुपए
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे तंत्र-मंत्र के जरिए बीमार लोगों को ठीक करने और पैसों की बारिश कराने का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम वसूलते थे। गिरोह के दो मुख्य आरोपी सुखलाल और रामरतन कुमावत इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार इन्होंने इस तथाकथित अनुष्ठान के लिए करीब 50 हजार रुपए भी लिए थे।
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कुल 8 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सोहनलाल पुत्र डकलाराम निवासी, रायपुर पाली, सुखलाल पुत्र खातू पटेल लसोड़िया सज्जनगढ़, रामरतन पुत्र जमनालाल कुमावत धार मध्यप्रदेश, प्रतापसिंह पुत्र बुचाजी टांडा मंगला बांसवाड़ा, सुरेशचन्द्र पुत्र गंगाराम राठधनराज, बांसवाड़ा, विरेन्द्र पुत्र पन्नालाल टांडा रतना बांसवाड़ा, मांगीलाल पुत्र शंकर बलाई प्रतापगढ़ और राजेन्द्र कुमार पुत्र कन्हैयालाल पंचाल पालोदा, बांसवाड़ा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं।
झांसे में नहीं आएं, पुलिस को दे सूचना
थानाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे ऐसे अंधविश्वास और तांत्रिक झांसे में न आएं। ‘पैसों की बारिश’ जैसे दावे पूरी तरह फर्जी हैं और कानूनन अपराध की श्रेणी में आते हैं। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की गतिविधियों में लिप्त मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।