बांसवाड़ा के डूंगर गांव में निजी व्यापारी के यहां यूरिया की खेप उतारने पर विरोध जताते ग्रामीण।
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रबी फसल के लिए इन दिनों खाद की मारामारी चल रही है। सहकारी समितियों की दुकानों पर किसानों की खाद के लिए भीड़ उमड़ रही है। कई व्यापारी खाद की कालाबाजारी भी कर रहे हैं। उदयपुर संभाग में यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। बांसवाड़ा सहित उदयपुर, डूंगरपुर, सलूम्बर एवं प्रतापगढ़ जिलों में अब तक 9 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं और 732 बैग यूरिया जब्त किए हैं। तीन मामलों में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।
संभागीय अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) निरंजन सिंह राठौड़ ने बताया कि यूरिया की कालाबाजारी व अनियमित वितरण की रोकथाम के लिए संभाग एवं जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। खाद- बीज विक्रय दुकानों पर कृषि पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई है। किसानों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम से संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं।
जिलेवार हुई कार्रवाई
उन्होंने बताया कि अब तक प्रतापगढ़ जिले में 4, उदयपुर में 2, बांसवाड़ा में 2 तथा डूंगरपुर में 1 उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित किया गया है। बांसवाड़ा जिले में कार्रवाई के दौरान 732 बैग यूरिया जब्त किए हैं। संभाग में यूरिया की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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ट्रक और पिकअप चालक नामजद
बांसवाड़ा के खमेरा थाने में कृषि अधिकारी भावना डोडियार ने प्रकरण दर्ज कराया है। इसमें बताया कि चित्तौड़ के चंदेरिया से यूरिया खाद की खेप नौगामा के लिए भेजी जा रही थी, किंतु ट्रक और पिकअप चालक ने डूंगर गांव में निजी व्यापारी किशोर कलाल के यहां खेप उतार दी। डोडियार ने दोनों गाड़ियों के पंजीयन नंबर के आधार पर कार्रवाई का अनुरोध किया है।