महिला के साथ मारपीट करती अन्य महिलाएं
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बांसवाड़ा में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला के साथ महिलाओं की भीड़ ने मारपीट की। भीड़ ने आदिवासी महिला का पहले सिर मुंडवाया फिर उसे चारों तरफ से घेरकर उसके कपड़े फाड़ डाले और लाठियों से उसकी पिटाई शुरू कर दी। भीड़ ने महिला के साथ बेहद शर्मनाक व्यवहार किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में भी वायरल हो गया। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस के अनुसार घटना के दौरान आदिवासी महिला ने खुद को बचाने की कोशिश की, साथ ही मदद भी मांगी लेकिन अन्य महिलाओं ने उसकी एक नहीं सुनी। वहीं दूसरी तरफ भीड़ में मौजूद कई महिलाएं और पुरूष इस घटना का वीडियो भी बनाते नजर आए। पुलिस के अनुसार जिन लोगों ने महिला और पुरुषों ने इस घटना को अंजाम दिया है वो पिटने वाली महिला के ससुराल पक्ष से जुड़े हुए हैं। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
यह कारण चर्चा में
सीआई विनोद कुमार ने बताया कि ग्रामीणों में इस घटनाक्रम के बाद चर्चा यह है कि महिला कुछ दिनों से अपने पीहर गई थी और ससुराल नहीं लौटी। इसके बाद जब वह आई तो ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ ऐसा व्यवहार किया। उन्होंने बताया कि पीड़िता का मेडिकल कराया गया है । मुख्य आरोपी पीड़िता के पति को हिरासत में लिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
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वहीं इस घटना पर राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेहाना रियाज ने कहा कि ये तो अराजकता है। सरकार को इस मामले में एक्शन लेना चाहिए। ऐसे मामलों में महिला आयोग की भूमिका सबसे अहम होती है। रेहाना रियाज ने बताया कि उन्होंने इस मामले में बांसवाड़ा एसपी से फोन पर बात भी की है। रियाज ने कहा कि यदि वहां जाने की जरूरत हुई तो वहां जाएंगे भी।
वहीं आम आदमी पार्टी की संगीता गौड़ ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। यह सिर्फ नारों तक सीमित है। बांसवाड़ा तो बहुत दूर है। प्रदेश की राजधानी जयपुर में ही अगर घूमकर देख लिया जाए तो पता लग जाएगा बेटियां कितनी सुरक्षित हैं? संगीता ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के अपने विधानसभा क्षेत्र में पुलिसकर्मियों द्वारा धक्का मारने से एक बच्ची जल गई थी, उससे मिलने तक कोई नहीं पहुंचा।