राजस्थान के निकाय चुनाव 2026 के नतीजों ने कई जगह राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को चौंकाया है। कहीं दिग्गज उम्मीदवार हार गए तो कहीं निर्दलीयों ने बड़े दलों का गणित बिगाड़ दिया। लेकिन बालोतरा जिले की सिणधरी नगरपालिका के वार्ड संख्या तीन से सामने आया चुनाव परिणाम सबसे अलग और चर्चा का विषय बन गया है। यहां राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी का चुनावी खाता तक नहीं खुल सका और उन्हें एक भी वोट नहीं मिला।
नोटा को मिला एक वोट, आरएलपी प्रत्याशी को शून्य
चुनावी नतीजों में किसी प्रत्याशी को कम वोट मिलना आम बात है, लेकिन मतगणना के बाद जब आरएलपी प्रत्याशी ओम प्रकाश के सामने वोटों की संख्या शून्य दर्ज हुई तो यह परिणाम चर्चा का विषय बन गया। खास बात यह रही कि इस वार्ड में नोटा को एक वोट मिला। यानी चुनावी आंकड़ों में नोटा भी आरएलपी प्रत्याशी से आगे रहा।
अपने ही वार्ड के मतदाता नहीं थे ओम प्रकाश
इस अनोखे परिणाम के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण भी सामने आया है। आरएलपी प्रत्याशी ओम प्रकाश स्वयं वार्ड संख्या 3 के मतदाता नहीं हैं। ऐसे में वे अपने पक्ष में मतदान भी नहीं कर सके। हालांकि चुनाव मैदान में उतरने के बावजूद प्रत्याशी को वार्ड के किसी मतदाता का समर्थन नहीं मिलना परिणाम को और चौंकाने वाला बना देता है।
कांग्रेस और भाजपा के बीच सिमटा मुकाबला
वार्ड संख्या 3 में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशियों के बीच रहा। कांग्रेस प्रत्याशी भंवरा राम ने 133 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा उम्मीदवार खेमाराम को 93 मत मिले। वार्ड में कुल 226 मत डाले गए। इनमें नोटा के पक्ष में एक वोट दर्ज हुआ, जबकि आरएलपी प्रत्याशी ओम प्रकाश का खाता शून्य पर रहा।
शून्य वोट ने बढ़ाई चुनावी चर्चा
निकाय चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद सिणधरी नगरपालिका के वार्ड संख्या तीन की चर्चा खास तौर पर हो रही है। आमतौर पर प्रत्याशी को अपने समर्थकों, परिचितों और पार्टी कार्यकर्ताओं से वोट मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन यहां आरएलपी उम्मीदवार के पक्ष में एक भी वोट नहीं पड़ना बेहद असामान्य परिणाम माना जा रहा है।
चुनावी आंकड़ों में दर्ज हुआ अनोखा 'जीरो'
राजस्थान के निकाय चुनावों में इस बार कई जगह अप्रत्याशित नतीजे सामने आए हैं। कहीं निर्दलीयों ने बड़े दलों को चुनौती दी तो कहीं बेहद कम अंतर से जीत-हार का फैसला हुआ। सिणधरी के वार्ड संख्या 3 का परिणाम भी इन्हीं दिलचस्प आंकड़ों में शामिल हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी ने 133 वोटों के साथ जीत दर्ज की, भाजपा को 93 वोट मिले, NOTA को एक वोट मिला और आरएलपी प्रत्याशी के खाते में शून्य वोट दर्ज हुआ।
एक वोट भी नहीं, फिर भी चर्चा में प्रत्याशी
सिणधरी के वार्ड संख्या तीन का यह परिणाम अब निकाय चुनाव की चर्चाओं में अलग उदाहरण बन गया है। चुनाव में हार-जीत के साथ वोटों के आंकड़े भी कई बार ऐसी कहानी कह जाते हैं, जिन पर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल होता है। यहां मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच सिमट गया और तीसरे प्रत्याशी को एक भी वोट नहीं मिला। चुनावी नतीजों की सूची में दर्ज यह 'जीरो' अब चर्चा का विषय बना हुआ है।