बालोतरा जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरवड़ी गांव के पास नेशनल हाईवे-25 पर शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जोधपुर से सांचौर की ओर जा रही एक स्लीपर बस ओवरटेक के प्रयास में सामने से आ रहे ट्रेलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भयावह थी कि छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
ओवरटेक बना जानलेवा
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार हादसा शाम करीब 4 बजे हुआ। बालोतरा एसडीएम अशोक कुमार ने बताया कि बस चालक आगे चल रही दो गाड़ियों को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान सामने से तेज गति में आ रहे ट्रेलर से बस की सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर ड्राइवर साइड से हुई, जिससे बस का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि बस का ढांचा मुड़ गया और अंदर फंसे यात्रियों को निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ शव बस की खिड़कियों से बाहर लटके हुए दिखाई दिए। हादसे में तीन और छह साल के दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनके सिर धड़ से अलग हो गए। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
हाईवे पर मची अफरा-तफरी
टक्कर के बाद नेशनल हाईवे-25 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। एंबुलेंस की सहायता से घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। बालोतरा कलेक्टर सुशील कुमार ने बताया कि शवों को बालोतरा के नाहटा अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है, जबकि घायलों को कल्याणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्राथमिक उपचार दिया गया। बस में सवार अधिकांश यात्री जालोर और सांचौर क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।
घायलों की स्थिति
कल्याणपुर सीएचसी में जिन घायलों का इलाज चल रहा है, उनमें शाकिब (20) निवासी फलोदी, जेताराम (30) निवासी बागोड़ा (जालोर), कृष्ण कुमार (21) निवासी चितलवाना, रमेश (24) निवासी चितलवाना और घारूराम (29) निवासी राऊता बागोड़ा शामिल हैं। इनमें से कुछ की हालत स्थिर बताई गई है। वहीं गंभीर रूप से घायल बीबा (30) निवासी राउता, जितेंद्र (30) निवासी मेगावा चितलवाना, वगताराम (62) निवासी बागोड़ा और महबूब खान (30) निवासी जाम्बा चारणान (फलोदी) को बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रेफर किया गया। घायलों को जोधपुर के मथुरा दास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन ने पहले से ही आपात स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम तैनात कर दी थी। ट्रॉमा वार्ड में सभी आवश्यक दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था की गई है। अस्पताल परिसर में पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले पांच मृतकों की पहचान शिवराज और युवराज (दोनों सगे भाई, निवासी जालोर), नरपत (जालोर), नगाराम (जालोर) और अनुशा (जालोर) के रूप में हुई है। एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है। परिजनों के अस्पताल पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। रोते-बिलखते परिवारजनों को संभालना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहा।
जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि जोधपुर-बालोतरा हाईवे पर हुई इस भीषण दुर्घटना में लोगों की मौत का समाचार अत्यंत दुःखद है और वे शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ओवरटेक के दौरान लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। ट्रेलर चालक से पूछताछ की जा रही है।
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सवालों के घेरे में हाईवे सुरक्षा
इस हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाईवे-25 पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है और ओवरटेक के दौरान अक्सर जोखिम भरी स्थिति बन जाती है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से हाईवे पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ मृतकों के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुटा है। बालोतरा और जालोर क्षेत्र में इस हादसे के बाद शोक की लहर है।