बालोतरा जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान ‘ऑपरेशन विषभंजन’ ने एक और बड़ी सफलता दर्ज की है। जिले में लगातार बढ़ती नशाखोरी पर अंकुश लगाने और तस्करी नेटवर्क को जड़ से तोड़ने के उद्देश्य से पुलिस ने बीते दिनों एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह ऑपरेशन पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पूरे जिले में तेज किया गया है, जिसके तहत निगरानी, इंटेलिजेंस इकट्ठा करने और तस्करों पर कानूनी शिकंजा कसने की कार्रवाई लगातार जारी है।
खुफिया सूचना पर होटल में छापा, चार तस्कर गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह भाटी और वृताधिकारी पचपदरा शिवनारायण चौधरी के सुपरविजन में पचपदरा थानाधिकारी अचलाराम के नेतृत्व में डीएसटी की सूचना के आधार पर सरहद मंडापुरा स्थित एक होटल में दबिश दी गई। सूचना थी कि वहां कुछ व्यक्ति मादक पदार्थ की तस्करी के उद्देश्य से ठहरे हुए हैं।
टीम ने मौके पर पहुंचते ही होटल के एक कमरे को घेराबंदी कर तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान चार युवकों को संदिग्ध गतिविधियों के चलते पकड़ा गया। जब पुलिस ने उनके सामान की जांच की, तो उनके कब्जे से 8.8 ग्राम एमडीएमए, जिसे आमतौर पर ‘पार्टी ड्रग’ के रूप में जाना जाता है, बरामद हुआ। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त मानी जा रही क्रेटा कार भी जब्त कर ली गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन चार युवकों को हिरासत में लिया, वे सभी जोधपुर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं जो स्वरूप पुत्र सुखाराम, थाना लूणी, रामनिवास पुत्र खेराजराम, थाना लूणी, मग सिंह पुत्र सुमेर सिंह, उम्र 25 वर्ष, निवासी भाण्डु, थाना बोरानाडा, अनिल पुत्र बुधाराम, निवासी फींच, थाना लूणी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार ये सभी आपस में संपर्क में रहते हुए नशे का अवैध कारोबार करने में शामिल थे।
डीएसटी की तत्परता ने रोका बड़ा सौदा
सूत्रों के मुताबिक, डीएसटी को कुछ समय से क्षेत्र में सक्रिय नए नशा नेटवर्क की गतिविधियों पर संदेह था। गुप्त रूप से जुटाई गई जानकारी के आधार पर टीम कई दिनों से कुछ नंबरों और लोकेशंस पर नजर रख रही थी। अंततः मंडापुरा के होटल में इन युवकों की मौजूदगी पुख्ता होते ही तुरंत कार्रवाई की गई।
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कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
बरामद मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता एवं एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस अब उनके मोबाइल डेटा, लोकेशन रिकॉर्ड और नेटवर्क कनेक्शन की भी गहन जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक रमेश कुमार ने इस कार्रवाई को अभियान ‘ऑपरेशन विषभंजन’ की अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों का प्रसार रोकने के लिए पुलिस शून्य सहनशीलता की नीति अपना रही है। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि युवाओं को नशे के दुष्चक्र से बचाया जा सके।