दुष्कर्म के आरोप में फंसे राजस्थान के मंत्री बाबूलाल नागर की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं। एक तरफ उनके खिलाफ कई सबूत मिल रहे हैं, वहीं 25 सितंबर तक पुलिस की पूछताछ के लिए उपस्थित न होने के कारण उनकी गिरफ्तारी की आशंका भी बढ़ती जा रही है।
बाबूलाल नागर सीआईडी की ओर से दिए गए नोटिस की समय सीमा पूरी होने के बावजूद पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे। उन्होंने पत्र लिखकर लिखकर बताया है कि वे सेक्सुअली फिट हैं। ऐसे में उनका मेडिकल नहीं करवाया जाए।
उन्होंने यह भी लिखा है कि जांच अधिकारी मेडिकल कराने के लिए उन पर दबाव भी नहीं बना सकते। बाबूलाल नागर का कहना है कि यदि कोर्ट से आदेश मिलेगा मैं सिर्फ तभी मेडिकल जांच कराउंगा।
सीआईडी की जांच सवालों के घेरे में
इस पूरे मामले में सीआईडी सवालों के घेरे में है। अब यह सवाल उठ रहे हैं कि जांच के नाम पर सीआईडी को अब क्या सबूत चाहिए, जबकि पीडि़ता के मजिस्ट्रेट के सामने बयान हो गए हैं।
नागर के आवास पर तैनात गार्डों, पीए, रसोइए और अन्य लोगों के बयान ले लिए गए हैं। आरोपी के मेडिकल की बारी आई तो नागर धार्मिक यात्रा पर चले गए। पीडि़ता ने सीआईडी को वो रिकार्डिंग भी दे दी जिसमें नागर के परिजन उसे धमका रहे थे। इस सबके बावजूद सीआईडी नागर के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही। पुलिस को मौके पर परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी मिल गए। आखिर इस मामले में सीआईडी ढिलाई क्यों बरत रही है।
आज परिजनों से होगी पूछताछ
सीआईडी गुरुवार को नागर के परिजनों से पूछताछ कर सकती है। इसके लिए टीम गुरूवार को नागर के निवास पर जाएगी।