राजस्थान के पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर दुष्कर्म के आरोप में फंसते नजर आ रहे हैं।
सीबीआई ने दावा किया है कि पीडिता के कपड़ों पर नागर के सीमन की तथा घटनावाले दिन नागर व पीडि़ता के बीच फोन कॉल आदि की पुष्टि होने जैसे कई सबूत उन पर संकट बनकर खड़े हुए हैं।
जिला एवं सेशन न्यायालय जयपुर में उन्होंने दुष्कर्म, मारपीट व डराने-धमकाने के आरोपों से इंकार करते हुए ट्रायल की मांग की। अब मामले की सुनवाई 28 फरवरी को होगी।
सीबीआई ने बाबूलाल नागर के विरूद्ध 9 दिसम्बर को चार्जशीट पेश की थी। चार्जशीट में बताया गया कि पीडिता 11 सितम्बर 2013 को शाम करीब साढ़े चार बजे उसके घर पहुंची।
थोड़ी देर इंतजार करने के बाद नागर ने पीडिता को अन्दर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीडिता को अंदर बुलाने के लिए नागर ने तीन बार फोन किया था।
नागर के खिलाफ 13 सितम्बर को सोढ़ाला थाने में मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई ने नागर को 25 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।