राजस्थान के झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र के आधा दर्जनगांवों के लोगों ने अपने वोट का महत्व समझ लिया है। हर विधानसभा चुनाव में गांववासियों को सड़का सपना दिखाकर प्रत्याशी वोट मांगने आते थे, और फिर अपनी शक्ल तक नहीं दिखाते थे।
इन आधादर्जन गांवों को जोडऩेवाले सड़क पर गांववासियों ने बैनर लगा दिया है कि रोड नहीं, तो वोट नहीं। अब जो भी प्रत्याशी वोट मांगने आएगा वह इस बैनर को देखे बिना आगे नहीं बढ़ सकता।
वह समझ भी जाएगा कि गांववाले जागरूक हो गए हैं और इस बार फिर सपने दिखाना ठीक नहीं है। गांववासियों ने तय किया है कि जो सड़क बनवाने का वादा लिखित में देगा, उसी प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाले जाएंगे।
वादों पर राजनीति गर्म
राजस्थान विधानसभा चुनाव के चलते कांग्रेस और भाजपा ने घोषणा पत्र जनता को समर्पित कर दिया है और एक दूसरे के घोषणा पत्रों में दिए वादों को खोखले बताने की राजनीति शुरू कर दी है।
कांग्रेस की ओर से इस चुनाव का नेतृत्व कर रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर कांग्रेस के घोषणा पत्र की नकल का आरोप लगाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चन्द्रभान ने भी कहा कि भाजपा ने अपना घोषणा पत्र कांग्रेस का घोषणा पत्र देखकर तैयार किया है। इधर, वसुंधरा राजे का आरोप है कि सरकार रहते कोई वादा पूरा नहीं किया, अब भाजपा के घोषणा पत्र को निशाना बनाया जा रहा है।