फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: ASP दिव्या ने मांगी दो करोड़ की घूस, ACB ने अजमेर-जयपुर समेत पांच ठिकानों पर मारा छापा, जानें मामला

Mon, 16 Jan 2023 05:32 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

गिरफ्तारी से बचाने के एवज में 2 करोड़ रुपए घूस मांगकर परेशान करने के मामले में जयपुर एसीबी टीम ने अजमेर में SOG की एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल और एक बर्खास्त कांस्टेबल सुमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एएसपी दिव्या को हिरासत में लिया गया है। साथ ही अजमेर,उदयपुर, झुंझुनू, जयपुर में भी सर्च चलाया है।
विज्ञापन
एसीबी की हिरासत में एसपी दिव्या मित्तल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

16 करोड़ से ज्यादा की नशीली ड्रग्स और दवाओं की तस्करी के मामले में जांच अधिकारी एसओजी अजमेर की एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल पर ACB की यह कार्रवाई हुई है। सोमवार को एसीबी ने अजमेर में दो ठिकानों, उदयपुर, झुंझुनू और जयपुर में 1-1 ठिकानों समेत कुल 5 जगह एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। अजमेर में जयपुर रोड पर ARG सोसायटी में दिव्या के फ्लैट में दिव्या की मौजूदगी में सर्च कार्रवाई की गई । जयपुर, उदयपुर और झुंझुनूं समेत 5 जगहों पर छापे डाले गए। 

विज्ञापन


2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने की सूचना, कोर्ट के वारंट पर 5 जगह कार्रवाई
एसओजी अजमेर में एएसपी दिव्या मित्तल पर एनडीपीएस पदार्थो की तस्करी के मामले में दलाल के जरिए परिवादी को डरा धमका कर रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। परिवादी की शिकायत पर ही एसीबी ने यह कार्रवाई शुरू की है। जयपुर एसीबी के एडिशनल एसपी बजरंग सिंह के मुताबिक  एसीबी मुख्यालय जयपुर में पिछले दिनों एक केस दर्ज हुआ। जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा कि निर्दोष होते हुए भी केस में उसका नाम शामिल नहीं करने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांग कर परेशान किया जा रहा है। 

एसीबी एएसपी बजरंग सिंह ने जानकारी दी कि शिकायत मिलने के बाद वेरिफाई किया गया। इसके बाद दलाल पैसे लेने भी आ गया, लेकिन तब ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी। कोर्ट से वारंट लेकर सोमवार को 5 स्थानों पर यह कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन


मुझे फंसाने के लिए ड्रग माफिया का षड्यंत्र
जबकि एसीबी की कार्रवाई के बाद एएसपी दिव्या मित्तल बोलीं कि मुझे ड्रग माफियाओं को ट्रैक करने का यह ईनाम मिला है। मैंने किसी से कोई रिश्वत नहीं मांगी है। यह षड्यंत्र कर ड्रग माफिया मुझे फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। अजमेर पुलिस के कई अधिकारी इसमें मिले हुए हैं।

शिकायतकर्ता बोला-एएसपी दिव्या ने कहा था- दलाल फोन करेगा
एसीबी को शिकायतकर्ता ने बताया कि एसओजी एएसपी दिव्या मित्तल ने मुझसे कहा था कि तुम्हारे पास दलाल का फोन आएगा। उसके बाद मेरे पास उस दलाल का फोन आया। उसने मुझे उदयपुर बुलाया। जहां एएसपी दिव्या मित्तल के फार्म हाउस पर दलाल ने मुझे डरा-धमका कर 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी। इसके बाद ही एसीबी में शिकायत की। शिकायतकर्ता ने कहा- एसओजी एएसपी दिव्या मित्तल के लिए पहली किस्त के तौर पर वह 25 लाख रुपए कैश दलाल को देने गया था। लेकिन शक होने पर दलाल फरार हो गया।  एसीबी के ट्रैप के इंतजाम तब फेल हो गए। 

16 करोड़ से ज्यादा की नशीली दवा हुई थी जब्त 
दिव्या मित्तल ने मई 2021 में करीब 16 करोड़ रुपए की नशीली दवाइयां बरामद की थीं। जयपुर में 5.50 करोड़ और अजमेर में दो बार रेड में 11 करोड़ की नशीली दवाइयां जब्त की गईं। ज़्यादातर दवाओं में ट्रामोडोल साल्ट पाया गया। कई और भी नशीली दवाएं जब्त की गईं।

एसीबी एडीजी दिनेश एमएन की जुबानी
एसीबी के ADG दिनेश एमएन ने बताया 4 जनवरी को परिवादी ने उनके पास आकर बताया था कि उसकी हरिद्वार में दवा बनाने की कंपनी है। उसने कहा- एसओजी ने मुझे बुलाया और किसी केस के सिलसिले में पूछताछ की। फिर एक दलाल का फोन आया। जिसने मुझे उदयपुर बुलाया। जहां एक रिसोर्ट में पहले 2 करोड़ रुपए, फिर 1 करोड़ की रिश्वत की डिमांड की गई। साथ ही  धमकाया कि पैसा नहीं देने पर आप गिरफ्तार रहो जाओगे। एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि 12 जनवरी को एसीबी के एएसपी बजरंग सिंह ने आरोपी को ट्रैप करने की कोशिश की। परिवादी जब दिव्या मित्तल से मिलने गया। तो फाइनल 50 लाख में बात तय हुई। 25 लाख रुपए 12 जनवरी को और 25 लाख कुछ समय बाद देने की बात तय हुई। परिवादी शिकायतकर्ता को कहा गया कि एक व्यक्ति का कॉल आपके पास आएगा । उसके पास कॉल आया , फिर उससे अजमेर बाईपास पर आकर पैसा लेने की बात कही गई। जहां परिवादी इंतजार करता रहा। वह दलाल आदमी वहां आया भी था, लेकिन उसे शक हो गया तो वह बिना पैसा लिए ही चला गया । फिर एसीबी को लगा कि आगे पैसे लेने की संभावना कम है,तो मुकदमा दर्ज किया गया। 

दलाल सुमित उदयपुर पुलिस का बर्खास्त कॉन्स्टेबल
दिनेश एमएन ने बताया एसीबी के डीवाईएसपी मांगीलाल को इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बनाया। उन्होंने कोर्ट से वारंट लिया और 5 जगह सर्च की कार्रवाई की है। केस के सिलसिले में सुबूत जुटाए जा रहे हैं। एएसपी दिव्या को हिरासत में लिया गया है। जो दलाल इस मामले में पता चला है वह उदयपुर पुलिस का बर्खास्त कांस्टेबल सुमित बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें