राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा में विश्वासमत जीत लिया है। सदन ने सरकार द्वारा लाए गए विश्वासमत प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने सदन द्वारा मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करने का प्रस्ताव स्वीकार किए जाने की घोषणा की। इसके बाद सदन की कार्यवाही 21 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले सरकार के प्रस्ताव पर हुई बहस का जवाब देते हुए गहलोत ने विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। इसके साथ ही गहलोत ने विधायकों के फोन टैप होने के आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि राजस्थान में ऐसी परंपरा नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह को भी निशाने पर लिया।
जानिए क्या-क्या कहा गहलोत ने...
- सीएम गहलोत ने भाजपा पर तीखे हमले करते हुए कहा कि आप जिस पार्टी से हैं, उसने उंगली तक नहीं कटाई। क्या मुकाबला करेंगे आप कांग्रेस से। सरकारें आती हैं जाती हैं। इंदिरा गांधी भी चुनाव हार गई थीं, लेकिन फिर आंधी चली, ये जो घमंड चल रहा है, कब जनता का फैसला उल्टा पड़ जाए, किसी को पता भी नहीं चलेगा।
- गहलोत ने कहा कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसे विभाग का क्या देश में दुरुपयोग नहीं हो रहा है? जब आप फोन पर बात करते हैं तो क्या आप दूसरे व्यक्ति से नहीं कहते कि आपको फेसटाइम और वाट्सएप पर ज्वाइन करूंगा? क्या लोकतंत्र में ये अच्छी बात है?
- गहलोत ने प्रतिपक्ष नेता कटारिया को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में एक दौर था जब अशोक गहलोत और भैरोसिंह शेखावत के बीच सत्ता-विपक्ष रहने के बाद भी अच्छे संबंध रहे। वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत भी 15 साल में इसी तरह मुख्यमंत्री बने, लेकिन आप लोगों ने ऐसी स्थिति बनाने की कोशिश की है कि जिससे हम लोगों के बीच बातचीत ही ना रहे। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक दूसरे के अनुभवों को सरकार चलाने में बांटते हैं, यह राजस्थान की परंपरा रही है, लेकिन अब कुछ लोग इस स्थिति को खत्म करना चाह रहे हैं।
- आप लोगों से एक बात कहना चाहता हूं, आपके हाईकमान से। इन्होंने यह तय कर रखा है कि मैं सरकार को गिराकर कर रहूंगा, लेकिन मैं भी कहता हूं कि किसी भी कीमत पर सरकार को मैं गिरने नहीं दूंगा। नरेंद्र मोदी और अमित शाह दो लोग राज कर रहे हैं। ये डेमोक्रेसी है क्या। कांग्रेस मुक्त भारत बनाएंगे, अरे पहले कांग्रेस का इतिहास पढ़ो। आप लोगों की आंखें खुल जाएंगी। नेहरू 10-10 जेल में रहे।
कहा- पूरे राज्य में खुशी की लहर
विश्वासमत हासिल करने के बाद सीएम गहलोत ने कहा- पूरे राज्य में खुशी की लहर है। भाजपा की साजिश नाकाम हो गई है। मैं इसे राज्य की जनता की जीत के तौर पर देख रहा हूं। अब हमें कोरोना के खिलाफ मिलकर लड़ना है।
भाजपा ने जिस तरह की साजिश मध्यप्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में रची थी, उसने वहीं फॉर्मूला राजस्थान में भी अपनाया, लेकिन बेनकाब हो गई।