फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान: भाजपा के आरोपों पर अशोक गहलोत का पलटवार, केंद्र पर साधा निशाना

Sat, 10 Oct 2026 05:47 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों के समर्थन में लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का मुद्दा उठाया। साथ ही, दिल्ली में कथित पाबंदियों, ट्रंप के बयानों, टैरिफ और वीजा नीतियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
विज्ञापन
पूर्व सीएम अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। गहलोत ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सवालों से डरी सत्तारूढ़ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अब निर्वाचन आयोग का वकील बनना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भाजपा खुद विदेशी ताकतों के सामने पूरी तरह सरेंडर हैं, जबकि लोकतंत्र में सवाल पूछना और विरोध दर्ज कराना विपक्ष का अधिकार है।
विज्ञापन


सत्ताधारी दल की भूमिका पर सवाल
गहलोत ने लिखा कि विपक्ष का आंदोलन सत्तारूढ़ दल के लिए देश को अस्थिर करने की साजिश बन गया है, जबकि विपक्ष में रहते हुए भाजपा खुद सड़कों पर उतरती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय कौन सी विदेशी ताकत थी और आज कौन सी ताकत काम कर रही है। जिन्होंने आजादी की लड़ाई में उंगली तक नहीं कटाई, वे आज लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले नेताओं को देशविरोधी साबित करने निकले हैं। इस प्रकार के रवैये की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। सत्ताधारी दल खुद ही लोकतांत्रिक विरोध को बदनाम करके देश में तनाव बढ़ा रहा है।

राहुल गांधी और विपक्षी प्रदर्शन का समर्थन
पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि राहुल गांधी ने तो कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा निकाली। जो व्यक्ति देश को जोड़ने का काम कर रहा है, सत्ताधारी दल उसी पर उंगली उठा रहा है, जो बेहद शर्मनाक है। संसद में आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए गहलोत ने कहा कि लोकसभा में राहुल गांधी और राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने नहीं दिया गया। इसके बाद जब विपक्षी सांसदों ने निर्वाचन आयोग और जंतर-मंतर जाने का प्रयास किया, तो उन्हें रोका गया और उनके साथ बदसलूकी की गई।
विज्ञापन


दिल्ली में पाबंदियों पर केंद्र की घेराबंदी
राजधानी के मौजूदा हालात का उल्लेख करते हुए गहलोत ने कहा कि पूरी दिल्ली को छावनी बना दिया गया है। 75 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद हैं और नई दिल्ली के बड़े हिस्से में इंटरनेट बंद है। इसके अतिरिक्त स्कूलों की परीक्षाएं तक रद्द करनी पड़ी हैं। देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अब तक जनता के सामने आकर जवाब देने से बच रहे हैं।

विदेशी ताकतों पर पलटवार और सरकार की नीति
गहलोत ने कहा कि जब भी विपक्ष सवाल पूछता है, तो उस पर अर्बन नक्सल और विदेशी ताकतों का ठप्पा लगा दिया जाता है। इससे साबित होता है कि जनता के सवालों का जवाब देने के लिए सरकार के पास कुछ नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार और भाजपा खुद विदेशी ताकतों के सामने पूरी तरह सरेंडर हैं, जिसका उदाहरण अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के बयानों, भारत पर लगाए जा रहे टैरिफ और वीजा नीतियों से बार-बार दिखता है। लोकतंत्र में सवाल पूछना और विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, कोई अपराध नहीं। भाजपा आज अपने ही रवैये से बेनकाब हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें