एक जुलाई से जीएसटी लागू होने की राह साफ हो गई है। उदयपुर में हुई जीएसटी काउंसिल की 10वीं बैठक के बाद देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया के समक्ष यह उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि 9वीं बैठक तक में इस बिल को लेकर जो कानूनी आपत्तियां और असहमति के बिन्दु सामने आए थे, उन पर इस 10वीं बैठक में चर्चा व स्पष्टीकरण के बाद सामूहिक सहमति बन गई है।
अब 4-5 मार्च को दिल्ली में काउंसिल इस बैठक में हुए निर्णयों के आधार पर ड्राफ्ट को अनुमोदित कर देगी। इसके बाद बजट सत्र के दूसरे चरण में बिल को सदन में प्रस्तुत कर दिया जाएगा। सर्वोच्च सदन में पारित होने के बाद राज्य अपनी-अपनी विधानसभाओं में इसे पारित करेंगे।
जेटली ने बताया कि पांच साल तक राज्यों के नुकसान की भरपाई के नियम-कायदों पर भी सहमति बन गई है। डेलिगेशन ऑफ पावर, ट्रांजेक्शन फेज में एक्जम्प्शन, वक्र्स कॉन्ट्रेक्ट्स, सर्विस-वैट की संयुक्ता वाली स्थिति, कम्पोजिशन लिमिट, एग्रीकल्चर की परिभाषा सहित जितने भी मुद्दे 9वीं बैठक में उठे थे, वे सभी सर्वसहमति से स्पष्ट हो गए हैं। जेटली ने यह भी स्पष्ट कहा कि कौन-कौन सी कमोडिटी किस स्लैब में जाएगी, इसका भी सर्वसहमति से फार्मूला तैयार कर लिया है।
उदयपुर के होटल रेडिसन में शनिवार दिन भर चली बैठक के बाद शाम को जेटली ने पत्रकारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पहली बार जीएसटी काउंसिल कीबैठक दिल्ली से बाहर हुई है और इसके लिए उदयपुर को चुना गया। उन्होंने राजस्थान सरकार को बेहतरीन व्यवस्थाओं की बधाई भी दी। इस बैठक में राजस्थान से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रतिनिधि के रूप में राजपाल सिंह शेखावत मौजूद रहे।