एक दिन पहले होमगार्ड के एक जवान सहजुद्दीन को 30 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार करने के अगले ही दिन एसीबी बैकफुट पर आ गयी। शिकायतकर्ता ने अपने ही साथी होम गार्ड का जवान बताकर फर्जी सत्यापन कराया था। इस मामले में एसीबी ने अपनी गलती स्वीकार कर सहजूद्दीन को निर्दोष मान कर रिहा कर दिया।
इसके बाद एसीबी ने झूठी शिकायत करने वाले महबूब अली और उसके साथी कपिल जाटव को शिवजी पार्क थाना पुलिस को सौंप दिया। साथ ही एसीबी के डीवाइएसपी महेंद्र मीणा ने पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार शिकायत केता महबूब अली ने निवासी दोहली थाना रामगढ़ उसके भाई मकसूर और उसके साथी कपिल जाटव मोहल्ला नगर थाना डीग ने धोखाधड़ी और साजिश रचकर होमगार्ड जवान सहजूद्दीन के खिलाफ रिश्वत का मामला दर्ज करवाया था।
महबूब अली ने कपिल जाटव को होमगार्ड जवान बताकर फर्जी सत्यापन भी करा दिया था। एसीबी ने सहजुद्दीन को अलवर कलेक्ट्रेट गेट पर 30 हजार रुपए रिश्वत मामले में किया था। उससे प्लॉट खरीदने की बातचीत की और उसकी रकम को रिश्वत देना बताया। फर्जी तरीके से रिश्वत लेने का ऑडियो बना लिया। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप कर लिया। मामले की जयपुर तक शिकायत होने के बाद जांच में पता चला कि यह मामला झूठा है।
अब ACB ने परिवादी व इस षड़यंत्र में शामिल तीन जनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। अब उप अधीक्षक पुलिस की ओर से शिवाजी पार्क थाने में आरोपियों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता अन्तर्गत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महबबू अली, मकसूर और कपिल तीनों ने मिलकर सहजूदीन को फंसाया है। इन्होंने मिलकर सहजुद्दीन से 450 गज के तीन प्लॉट का सौदा किया। उसका अग्रिम पैसा देने की योजना बनाई। जिसे रिश्वत बता कर उसे फंसाया गया।