कांग्रेस विधायक टीकाराम जूली ने बीजेपी सरकार द्वारा घोषित शिक्षा नीति को लेकर चिंता जताई है। जूली ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि घोषित शिक्षा नीति से गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को सबसे अधिक नुकसान होगा।
प्रतिपक्ष के नेता जूली ने कहा, बीजेपी सरकार ने एक साल में 450 स्कूलों को बंद कर दिया है, जो कि शिक्षा प्रणाली में सुधार, नवाचार और विस्तार करने की जगह है, दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाएंगे और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार का असली उद्देश्य शिक्षा को निजी हाथों में सौंपना है, जो कि RSS के एजेंडे के तहत है। वे गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रखना चाहते हैं और आदर्श विद्या मंदिर स्कूलों को पुनः स्थापित करना चाहते हैं।
टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार से अपील की है कि वे अपनी शिक्षा नीति को बदले और स्कूलों को बंद करने की जगह उन्हें सुधारने और उनके विस्तार पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित न करके, हमें अपने देश की शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा। जूली ने कहा कि स्कूलों को बंद करके सरकार गरीब और कमजोर वर्ग का भला नहीं कर रही। बल्कि उनका भारी नुकसान कर रही है। गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाएंगे और इसका श्रेय पूरा बीजेपी सरकार का होगा।