केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की जगह दूसरा कोई अध्यक्ष बना तो कई लोग पार्टी में नहीं रहेंगे। उनके इस बयान पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने तंज कसा है।
गजेंद्र सिंह शेखावत शुक्रवार को अलवर के कंपनी बाग में आयोजित दही हांडी उत्सव कार्यक्रम में आए थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया तो और ज्यादा संख्या में लोग पार्टी छोड़कर भाग जाएंगे।
कोई व्यक्ति नहीं तय करता, उसे क्या करना है
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री का कोई चेहरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के अंदर कोई भी व्यक्ति ये तय नहीं करता कि उसे क्या बनना है, कार्यकर्ताओं को जो दायित्व दिया जाता है, उसे समर्पण भाव से किया जाता है। उन्होंने कहा कि वह 1992 में छात्र संघ अध्यक्ष बने थे, तब से अब तक संगठन ने जो दायित्व दिया, वो कार्य किया। जो छात्र नेता छात्र संघ चुनाव लड़ते हैं, वह प्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक में जगह तलाशते हैं। भाजपा में परिवार भाव से काम किया जाता है। जो दायित्व मिलता है वही दायित्व का निर्वहन किया जाता है।
ईआरसीपी पर गहलोत सरकार को घेरा
जलशक्ति मंत्री ने 13 जिलों की ईआरसीपी की घोषणा के सवाल पर कहा कि राजस्थान सरकार इसे गलत तरीके से पेश कर रही है। देश में स्थापित नियम और जितनी भी राष्ट्रीय परियोजनाएं होती हैं, उन के अनुसार 75 फीसदी निर्भरता पर प्रोजेक्ट बनाए जाते हैं लेकिन सरकार ने 50 फीसदी निर्भरता पर प्रोजेक्ट बनाए हैं। तत्कालीन वसुंधरा सरकार में भी सीडब्ल्यूसी ने पत्र लिखा था। अब राजस्थान सरकार 50 फीसदी निर्भरता पर प्रोजेक्ट के लिए क्यों जिद पर अड़ी हुई है। यह वही बता सकती है।
उन्होंने राजस्थान सरकार पर आरोप लगाया कि वह मध्यप्रदेश से भी एनओसी नहीं लाए इससे ऐसा प्रतीत होता है कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार काम करने की मंशा नहीं रखती बल्कि काम अटका ने की मंशा रखती है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार उस प्रोजेक्ट को वापस भेजें तो निश्चित रूप से केंद्र सरकार तुरंत प्रभाव से उससे भी अच्छा दर्जा देगी।