राजस्थान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर अलवर को विकास और पर्यावरण संरक्षण की कई बड़ी सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के सहयोग से अलवर अब वन्यजीव पर्यटन और पर्यावरण के क्षेत्र में एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
एनसीआर का सबसे बड़ा बायोलॉजिकल पार्क
मंत्री संजय शर्मा ने घोषणा की कि अलवर में बन रहा बायोलॉजिकल पार्क एनसीआर क्षेत्र का सबसे बड़ा पार्क होगा। इस पार्क की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां देश-विदेश से सात अलग-अलग प्रजातियों के बाघ लाए जाएंगे। इसके अलावा, पर्यटकों के आकर्षण के लिए अफ्रीकी जिराफ और शेर समेत कुल 420 प्रकार की पशु-पक्षी प्रजातियां यहां रखी जाएंगी। विभाग द्वारा पार्क की डीपीआर (DPR) स्वीकृत की जा चुकी है, जिसमें लायन सफारी, टाइगर सफारी और जानवरों के लिए एक वर्ल्ड क्लास हॉस्पिटल का निर्माण भी शामिल है।
जल संरक्षण और वृक्षारोपण पर जोर
- मंत्री ने बताया कि भूजल स्तर सुधारने के लिए चार प्रमुख बिंदुओं को चिन्हित किया गया है
- अखैपुरा (जरखवाला), प्रतापबंध, भूरासिद्ध और भाखेड़ा में बड़े एनीकट बनाए जाएंगे।
- अलवर शहर में अब तक 9 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
- पूरे एनसीआर क्षेत्र में रिकॉर्ड एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया गया है।
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सरिस्का में बाघों का अर्धशतक
वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों का ही परिणाम है कि सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या अब 50 तक पहुंच गई है। जीनपूल की समस्या को हल करने के लिए मध्य प्रदेश से बाघिन लाई गई है और भविष्य में अन्य राज्यों से भी वन्यजीव लाने के प्रयास जारी हैं।