बजट को लेकर बातचीत करते व्यापारी।
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केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार 23 जुलाई को सदन में प्रस्तुत करेंगी। हर बार की तरह इस बार भी बजट को लेकर हर वर्ग में उत्साह है। खास तौर पर मध्यमवर्गीय व्यापारियों में बजट को लेकर काफी उत्सुकता नजर आ रहा है। जयपुर के व्यापारियों ने अमर उजाला के खास बातचीत में बताया कि उनको मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल से खासी उम्मीद है।
जयपुर के व्यापारी राकेश लश्करी ने कहा कि सरकार ने अपने दोनों कार्यकाल में उच्च वर्ग और निम्न वर्ग दोनों का ख्याल रखा है, परंतु माध्यम वर्ग का ख्याल नहीं रखा गया है। इस बार के बजट में मध्यमवर्गीय व्यापारियों को सरकार से बड़ी उम्मीद है। राकेश बोले कि एमएसएमई के तहत छोटे व्यापारियों को लोन और उनके पैसे की सुरक्षा दोनों मिलती है, परंतु मध्यमवर्गीय व्यापारियों को कोई सुरक्षा नहीं है।
जयपुर में व्यापारियों ने बताया कि हमको हमरे पैसे 45 दिन में देने होते हैं, परंतु हमारे पैसे मिलने का समय तय नहीं है। सरकार को इस पर भी ध्यान देने की आवश्कता है। मध्यमवर्गीय श्रेणी ही देश की अर्थव्यवस्था की नीव है। हम टैक्स देते हैं और उस पैसे से विकास होता है।
टैक्स स्लैब को भी जांचने की जरूरत
व्यापारियों ने कहा कि टैक्स स्लैब को भी जांचने की जरूरत है। सरकार को अपनी गिरती साख बचाने के लिए इसमे छूट देनी चाहिए। मध्यमवर्गीय लोगों को पुनः मुख्य धारा में जोड़ना चाहिए, जिससे देश का विकास मजबूती से हो सके। आज देश में कोई अपनी शादी में पांच हजार करोड़ लगा रहा है और बड़ा वर्ग पांच लाख के लोन को तरस रहा है।