शादी करके अलवर आई युवती शादी के दस दिन बाद दस लाख के जेवर पहनकर पीहर गई और फिर नहीं लौटी। पत्नी को लेने ससुराल गए दामाद को भी ससुराल वालों ने डरा-धमकाकर खाली हाथ लौटा दिया। दूल्हे के पिता ने कही अपनी कहानी।
दूल्हे कुलदीप के पिता रामगोपाल ने बताया कि रामवीर सिंह और उसकी पत्नी अर्चनादेवी आगरा के रहने वाले हैं और उनका मूल गांव बरौली गुर्जर है। उन्होंने कहा कि हमारी भतीजी मनीषा तोमर का विवाह आपके बेटे कुलदीप सिंह से कर सकते हैं लेकिन विवाह का खर्च बेटे पक्ष को वहन करना होगा। इस पर सहमति होने के बाद 4 नवंबर 2022 को विवाह का पूरा खर्च उठाते हुए कुलदीप व मनीषा की शादी हो गई। इसके पहले शादी में खर्च के नाम पर उन्होंने तीन लाख रुपये वसूले।
शादी के बाद दुल्हन मनीषा अलवर आ गई फिर दस दिन बाद उसका भाई उसे पीहर ले जाने आया तो मनीषा पूरे जेवर पहनकर उसके साथ चली गई। बाद में मनीषा का पति कुलदीप उसे लेने ससुराल गया तो वहां मनीषा के पिता किशोर सिंह, मां ललिता देवी, चाचा रामवीर सिंह व चाची अर्चना ने उसे वापस भेजने से मना कर दिया। इतना ही उन्होंने कुलदीप को धमकी भी दी कि वापस जाओ वरना दूसरे केस में फंसा देंगे। साथ ही यह भी कहा कि हम ऐसे ही लोगों से रकम व जेवर ठगते हैं। कुलदीप ने लौटकर अपने पिता को घटना की जानकारी दी। इसके बाद काफी बार दुल्हन को लाने के प्रयास किए गए लेकिन कोई परिणाम नहीं निकलने के बाद अब पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है।
दूल्हे के पिता ने बताया कि वे वहां कि पुलिस से भी इस मामले में मिले हैं। पुलिस ने उन्हें बताया कि इस गांव के 15 से 20 परिवार इसी तरह ठगी करते हैं। उनके खिलाफ पहले के कई मुकदमे चल रहे हैं। अब दूल्हे के परिवार वालों ने शिवाजी पार्क थाने में रिपोर्ट दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।